नई दिल्ली [रणविजय सिंह]। पराली का धुआं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पहुंचने से दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण बढ़ गया है। इस वजह से शनिवार को दिल्ली में साढ़े तीन माह बाद हवा की गुणवत्ता एक बार फिर खराब श्रेणी में पहुंच गई। वहीं, एनसीआर के चार शहर गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, नोएडा व गुरुग्राम में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई। इस वजह से अब लोगों की सांस पर आफत आती दिख रही है। लिहाजा, सफर इंडिया ने अस्थमा के मरीजों को हवा की गुणवत्ता खराब होने पर घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। हालांकि, राहत की बात यह है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण दो दिन दिल्ली में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। इस वजह से प्रदूषण के स्तर में थोड़ी कमी हो सकती है।

साढ़े तीन माह बाद खराब श्रेणी में दर्ज हुई दिल्ली में हवा की गुणवत्ता

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार दिल्ली का एयर इंडेक्स 284 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में है। इससे पहले इस साल एक जुलाई को दिल्ली का एयर इंडेक्स 266 ( खराब श्रेणी) में दर्ज किया गया था। इसके बाद मानसून के दौरान प्रदूषण कम हो गया था। एक दिन पहले एयर इंडेक्स मध्यम श्रेणी में 198 दर्ज किया गया था। एनसीआर में शनिवार को सर्वाधिक एयर इंडेक्स गाजियाबाद में 349 दर्ज किया गया है। शाम छह बजे दिल्ली में भी एयर इंडेक्स बहुत खराब श्रेणी के नजदीक 298 पहुंच गया। इस दौरान दिल्ली के 39 प्रदूषण निगरानी केंद्रों में से 18 जगहों पर एयर इंडेक्स 300 से अधिक दर्ज किया गया। लिहाजा करीब आधी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई। इस दौरान शादीपुर के आसपास का इलाका सबसे अधिक प्रदूषित रहा। शादीपुर का एयर इंडेक्स 372, पटपड़गंज का 348, आनंद विहार का 345, एनएसआइटी द्वारका का एयर इंडेक्स 334 दर्ज किया गया।

पराली जलाने की 1572 घटनाएं

सफर इंडिया के अनुसार पराली जलाने की 1572 घटनाएं हुई हैं। पराली का धुआं दिल्ली पहुंचने के लिए हवा की दिशा अनुकूल रही। इस वजह से वातावरण में पीएम-2.5 की मात्रा बढ़ गई। दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं की भूमिका 14 फीसद रही।

रविवार को हो सकती है बारिश

रविवार को दिल्ली के कई इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। इस वजह से एयर इंडेक्स में गिरावट आ सकती है, लेकिन हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में बनी रहेगी। इसके बाद तीन दिन हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में रहने का अनुमान है। वहीं, सीपीसीबी के अनुसार रविवार व सोमवार को दिल्ली में हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी रहने का अनुमान है। 19 अक्टूबर को हवा की गुणवत्ता फिर खराब श्रेणी में पहुंच जाएगी। सीपीसीबी के अनुसार पराली जलाने की घटनाएं अचानक बढ़ गई हैं। 15 अक्टूबर को हरियाणा में पराली जलाने की 363 व पंजाब में 660 घटनाएं हुई। इसके अलावा पाकिस्तान में भी पराली जलाई जा रही है। इसका असर दिल्ली एनसीआर में दिखने लगा है।

सफर इंडिया की चेतावनी

1. अस्थमा के मरीज घर से बहार न निलकें। दवा साथ में रखें।

2. हवा की गुणवत्ता खराब होने पर सुबह व शाम लोग बाहर सैर करने न निकलें।

3. सैर सपाटे के दौरान तेज चलने या हल्की गति में दौड़ने की जगह थोड़े समय तक पैदल चल सकते हैं।

4. घर की खिड़कियों को ठीक से बंद रखें, ताकि धूलकण घर में प्रवेश न करने पाए।

5. लकड़ी, कैंडल या अगरबत्ती न जलाएं। अगरबत्ती जलाने से भी घर में प्रदूषण होता है।

दिल्ली-एनसीआर का एयर इंडेक्स

  • गाजियाबाद - 349
  • ग्रेटर नोएडा - 330
  • नोएडा - 312
  • गुरुग्राम - 308
  • दिल्ली - 284
  • फरीदाबाद - 264

Edited By: Prateek Kumar