नई दिल्ली, जागरण संवाददाता/एएनआइ। Delhi Pollution 2019 Report: दिल्ली-एनसीआर में पिछले कई दिनों से वायु प्रदूषण लगातार खराब श्रेणी में बना हुआ है। सोमवार सुबह दिल्ली के लोधी रोड इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) के मुताबिक, दिल्ली के लोधी रोड इलाके में पीएम 2.5 का स्तर 251 तो पीएम 10 का तसर 232 रहा।जिसे खराब श्रेणी में माना जाता है और यह स्वास्थ्य के लिहाज से भी खतरनाक है। 

दिल्ली में अनुमान से कम चल रही हवा की रफ्तार से राजधानी में प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ना शुरू हो गया है। मंगलवार को प्रदूषण का स्तर फिर से बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच सकता है। रविवार को हवा की गति 8 किलोमीटर प्रति घंटा ही रही, जबकि पहले 20-25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की उम्मीद जताई गई थी। इसकी वजह से दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) 38 अंक ऊपर दर्ज किया गया। शनिवार को 283 दर्ज किया गया था। केंद्रीय प्रदूषण नियत्रंण बोर्ड (सीपीसीबी) के प्रदूषण मॉनीटरिंग स्टेशन में रविवार को दिल्ली का एक्यूआइ 321 के स्तर पर दर्ज किया गया। यह बहुत ही खराब श्रेणी में आता है।

दिल्ली के साथ एनसीआर में भी एयर क्वालिटी इंडेक्स नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में भी एयर क्वालिटी बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया। हवा की गति धीमी होने से स्थिति और खराब होने की संभावना है। प्रदूषण निगरानी एजेंसियों का अनुमान है कि मंगलवार को गंभीर स्थिति में जा सकता है। सोमवार को उत्तर-पश्चिम से हवा चलने और गति 12 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। वहीं मंगलवार को यह गति 15 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। उत्तर-पश्चिम दिशा से हवा चलने की वजह से पराली से आने वाला धुआं इंडेक्स बढ़ा देगा। एजेंसियों के अनुसार पंजाब व हरियाणा में 1882 पराली जलाने की घटनाओं का पता चला है। इससे दिल्ली में रविवार को पराली से होने वाला प्रदूषण 12 फीसद रहा, जो सोमवार को 18 फीसद तक पहुंच सकता है।

छुट्टी के दिन भी चला निगम का डंडा

दिल्ली में प्रदूषण को लेकर रविवार को भी निगम की टीम सक्रिय रही। दक्षिणी निगम ने 16 एफआइआर दर्ज कराई व 360 चालान काटकर 15 लाख रुपये का जुर्माना किया। वहीं, उत्तरी निगम ने 606 मीट्रिक टन मलबा सड़कों से हटवाया। इसके अलावा प्रदूषण फैला रहे 23 इकाइयों को सील किया गया है।

गाजियाबाद रहा देश का दूसरा सबसे प्रदूषित

दिल्ली से सटे गाजियाबाद में हवा की गति रविवार को 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भी कम रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के शाम चार बजे के आंकड़े के अनुसार, गाजियाबाद देश का दूसरा सबसे और एनसीआर का पहला प्रदूषित शहर रहा, जबकि पानीपत देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। वहीं पीएम-2.5 की मात्र सामान्य से लगभग छह गुना अधिक रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़े के अनुसार गाजियाबाद का एयर क्वालिटी इंडेक्स 368 दर्ज किया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, हवा की गति कम रहने से प्रदूषण बढ़ा है और वायुमंडल में धूल के महीन कणों की संख्या में इजाफा हुआ है। आने वाले दिनों में प्रदूषण का ग्राफ बढ़ेगा। सर्दी होने से धुंध भी प्रभावित करेगी।

दिल्ली-एनसीआर की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक

Posted By: JP Yadav

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस