नई दिल्ली [जेएनएन]। यदि आप किसी से राह चलते पूछें कि धरने की सियासत क्या है तो यकीन मानिए कई लोग इसके जवाब में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का नाम सबसे आगे रखते हैं। इसका कारण यह है कि एक वक्त था जब दिल्ली में धरना-प्रदर्शन की वजह से यहां के सियासी समीकरण बदल गए थे। एक बार फिर कमोबेश दिल्ली में यही 'धरना पॉलिटिक्स' जारी है लेकिन अंदाज जुदा है। न तो जनता सड़क पर दिख रही है और न ही केजरीवाल के प्रति लोगों कें अब वो दीवानगी देखने के मिल रही है। विपक्षी भी अब केजरीवाल की धरना वाली रणनीति को समझ चुके हैं और जनता में अब वो जोश नजर नहीं आता है।

'बेसिक कोर्स' में लौटी 'आप'

इन सबके बावजूद टीम केजरीवाल दिल्ली की सियासी जमीन में अपने 'बेसिक कोर्स' में लौट आई है। एक बार फिर दिल्ली में घरने के दिन लौट आए हैं लेकिन इस बीच दिल्ली कहीं बीच में फंसी हुई नजर आ रही है। सीएम केजरीवाल पिछले तीन दिनों से राजनिवास पर धरना दिए बैठे हैं तो वहीं अब भाजपा ने भी सीएम केजरीवाल को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया है। भाजपा नेताओं ने केजरीवाल की सियासी धार को कुंद करने के लिए उनके द्वारा दिए जा रहे धरने का जवाब 'धरना' से दिया है।

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जारी रहेगा भाजपा का धरना 

भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा, दिल्ली विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता, विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा व जगदीश प्रधान के साथ ही 'आप' के नाराज विधायक व पूर्व जलमंत्री कपिल मिश्रा ने दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया है। उन्होंने एलान किया है कि जब तक मुख्यमंत्री राजनिवास से अपना अवैध धरना समाप्त करके विपक्ष को बिजली, पानी सहित दिल्लीवासियों की अन्य समस्याएं हल करने का आश्वासन नहीं देंगे तब तक यह धरना जारी रहेगा।

मजबूरी में दिया धरना 

नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि जब भी सदन में मुख्यमंत्री से पानी की कमी के मुद्दे पर जवाब मांगा गया तो विपक्ष के विधायकों को मार्शल के जरिए बाहर निकलवा दिया गया। उन्हें मजबूर होकर मुख्यमंत्री कार्यालय में धरने पर बैठना पड़ा है। मुख्यमंत्री को राजनिवास से अपना अवैध धरना समाप्त करके यहां आना चाहिए और पानी की किल्लत व अन्य समस्याएं हल करने का ठोस आश्वासन देना चाहिए। विजेंद्र गुप्ता ट्वीट कर कहा कि अरविंद केजरीवाल ने सोमवार 11 जून को @LtGovDelhi को झूठ बोला था कि मुझे दिल्ली से बाहर जाने से पहले जरूरी बात करनी है। केजरीवाल धोखा व झूठ बोलकर LG निवास मे घुसे थे।

योजनाएं ठप पड़ गई हैं

धरने पर बैठे भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा कि झुग्गी बस्तियां, ग्रामीण इलाके, अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोग आज भी जल बोर्ड के पानी के लिए तरस रहे हैं। इस बीच 'आप' से नाराज चल रहे कपिल मिश्रा ने कहा कि जब से केजरीवाल ने दिल्ली जल बोर्ड के अध्यक्ष का पदभार संभाला है, तब से बोर्ड को भारी घाटा हो रहा है। भ्रष्टाचार अपनी जड़ें फैला रहा है और सभी योजनाएं ठप पड़ गई हैं। कपिल ने ट्वीट कर एक तस्वीर साझा की है। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा कि 'ये दिल्ली का CM ऑफिस हैं, हम दिल्ली के CM केजरीवाल के वेटिंग रूम में बैठे हैं, हम यहां "धरने" पर बैठे हैं।'

सरकार की नाकामी से लटके काम 

विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि पानी की आपूर्ति सुधारने के लिए विदेश से मिलने वाली करोड़ों रुपये की सहायता राशि का प्रयोग करने में दिल्ली जल बोर्ड विफल रहा है। जल आपूर्ति सुधारने के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक ने 2200 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इससे वजीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर नई परियोजना शुरू होनी है। इसके लिए 350 करोड़ रुपये का टेंडर भी हुआ जिसे सरकार ने बिना जायज कारण के रद कर दिया। सिरसा ने बताया कि इसी तरह से जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी ने चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के अंतर्गत परियोजना स्थापित करने के लिए दो हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यह काम भी सरकार की नाकामी से लटक गया है।  

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By Amit Mishra