नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली के बड़े अस्पतालों में शुमार गुरुतेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) ने आग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पहल की है और यह सतर्क हो गया है। अस्पताल को तीन हास्टल के लिए दमकल विभाग से फायर का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिल गया है। इसको लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से काफी समय से प्रयास किया जा रहा था। दमकल से गर्ल्स और ब्वायज हास्टल के अलावा जूनियर रेजिडेंट डाक्टर्स हास्टल को एनओसी मिली है।

आग से सभी रहें सुरक्षित

अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक सुभाष गिरी ने जानकारी देते हुए बताया कि अस्पताल परिसर में बनी हर एक बिल्डिंग को फायर एनओसी के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से काफी प्रयास किया जा रहा है, मरीजों का इलाज करने के लिए साथ ही अस्पताल प्रशासन इस पर भी ध्यान दे रहा है कि किस तरह से मरीजों की जीवन को आग से सुरक्षित रखा जा सके। उसी प्रयास का ही नतीजा है हास्टल की तीन बिल्डिंग को एनओसी मिल गई। अस्पताल के मदर एंड चाइल्ड ब्लाक की बिल्डिंग को पहले से दमकल से फायर एनओसी मिल गई थी।

इधर बता दें कि दिल्ली के कई अस्पतालों में फायर एनओसी नहीं ली गई है। समय समय पर पड़े विभाग के छापों में यह खुलासा होता रहता है। यह भी जानकारी के लिए बता दें कि हाल में ही दिल्ली के मुंडका में एक भयानक हादसा हुआ था जिसमें आग लगने से अफरातफरी मच गई थी। इस हादसे में 27 लोगों की मौत हो गई थी। प्रशासन से लेकर हर स्तर पर इस घटना की चर्चा थी जिसके बाद यहां पर जांच में यह खुलासा हुआ कि इस बिल्डिंग को फायर एनओसी नहीं मिली थी। दिल्ली में इसी तरह ना सिर्फ अस्पताल बल्कि कई फैक्ट्रियां बिना फायर एनओसी के चल रही हैं जहां पर हर वक्त आग से बड़ी घटना होने का खतरा रहता है।

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Edited By: Prateek Kumar