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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi: सार्वजनिक फंड से 'AAP' के प्रचार में नपे दिल्ली सरकार के दो अधिकारी, LG सक्सेना ने दी कार्रवाई की मंजूरी

By sanjeev Gupta Edited By: Sonu Suman
Published: Fri, 19 Jan 2024 06:00 AM (IST)

सरकारी फंड से आप के प्रचार में दो दानिक्स अधिकारी नप गए। दिल्ली सरकार के प्रचार एवं सूचना निदेशालय में ...और पढ़ें

LG सक्सेना ने दो दानिक्स अधिकारियों पर कार्रवाई की दी मंजूरी।
LG सक्सेना ने दो दानिक्स अधिकारियों पर कार्रवाई की दी मंजूरी।

HighLights

  1. 97 करोड़ रूपये के दुरुपयोग का लगा था आरोप
  2. निलंबन के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर एलजी ने लगाई मुहर

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के पैसों से आम आदमी पार्टी के प्रचार मामले में सरकार में तैनात रहे दो दानिक्स अधिकारियों पर गाज गिर गई है। दिल्ली सरकार के प्रचार एवं सूचना निदेशालय में तैनात रहे 1996 बैच के दानिक्स अधिकारी शमीम अख्तर तमन्ना और 2004 बैच के दानिक्स अधिकारी मनोज कुमार द्विवेदी के खिलाफ निलंबन के बाद अब अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। एलजी वीके सक्सेना ने सीसीएस (सीसीए) नियम, 1965 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई को मंजूरी दे दी है।

जानकारी के मुताबिक दोनों अधिकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय के मातहत आते हैं। शमीम अख्तर तमन्ना, दानिक्स ग्रुप -ए अधिकारी हैं और वर्तमान में शहरी विकास विभाग दिल्ली सरकार में तैनात हैं। वहीं मनोज कुमार द्विवेदी भी ग्रुप-ए अधिकारी हैं और वर्तमान में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में तैनात हैं।

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जीएनसीटीडी संशोधन अधिनियम, 2023 की धारा- 45एच के अनुसार उनका मामला सिफारिशों के लिए राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण (एनसीसीएसए) के समक्ष रखा गया था। एनसीसीएसए ने सरकारी फंड के दुरुपयोग में शमीम अख्तर और मनोज द्विवेदी के निलंबन और बड़े जुर्माने सहित अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी, जिसके बाद विजिलेंस विभाग ने भी अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया है।

CM के विचारों के विज्ञापन हुए थे जारी

बता दें कि वर्ष 2016 में दिल्ली सरकार के फंड से आम आदमी पार्टी ने राजधानी सहित अन्य राज्यों में कई अवसरों पर दिल्ली के मुख्यमंत्री के विचारों के विज्ञापन जारी किए गए थे और विपक्ष को निशाने पर लिया गया था। उस समय कांग्रेस के नेता अजय माकन ने सरकारी फंड से आम आदमी पार्टी के प्रचार का मामला उठाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद हुई जांच पर वर्ष 2017 में मामला एलजी के पास पहुंचा।

कोर्ट से नहीं मिली आप को राहत

रिपोर्ट में बताया गया कि सरकारी फंड से आम आदमी पार्टी के प्रचार पर करीब 97 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। एलजी ने तत्काल विज्ञापनों पर रोक लगाते हुए मामले की जांच के निर्देश दिए। डीआइपी के सचिव ने आम आदमी पार्टी से 97 करोड़ रुपये की वसूली का नोटिस भी जारी किया। नोटिस के बाद आप कोर्ट पहुंच गई, जहां से कोई राहत नहीं मिली और पार्टी ने पैसे वापस लौटाने की बात कही। वहीं इस मामले में पाई गई अनियमितता को लेकर चल रही जांच में अधिकारियों को दोषी पाते हुए कार्रवाई की सिफारिश की गई।

आप से राशि वसूलने की हो रही कोशिश

दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'हाईकोर्ट से आप को कोई स्थगन आदेश नहीं दिया गया और न ही कोई अस्थायी राहत दी गई। डीआईपी द्वारा आप से राशि वसूलने के प्रयास किए जा रहे हैं।' उन्होंने कहा कि इसमें शामिल अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए पांच अधीनस्थ अधिकारी जो उस समय डीआईपी में काम कर रहे थे, उन्हें पहले ही निलंबित कर दिया गया है।

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