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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अभिषेक बच्चन ने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए दायर की याचिका, खटखटाया दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा

Published: Wed, 10 Sep 2025 07:04 PM (IST)

अभिनेता अभिषेक बच्चन ने दिल्ली उच्च न्यायालय में अपने व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के लिए याचिका दायर की है। उन्होंने ...और पढ़ें

व्यक्तिगत अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ी अभिषेक बच्चन की याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करेगा हाई कोर्ट। फाइल फोटो
व्यक्तिगत अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ी अभिषेक बच्चन की याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करेगा हाई कोर्ट। फाइल फोटो

HighLights

  1. अभिषेक बच्चन ने मांगी व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा
  2. बिना अनुमति तस्वीर इस्तेमाल पर रोक की मांग
  3. 15 जनवरी 2026 को होगी अगली सुनवाई

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन के बाद अब उनके पति अभिनेता अभिषेक बच्चन ने भी अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

बुधवार को अभिषेक बच्चन की याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने कहा कि अदालत इस मामले में अंतरिम आदेश पारित करेगी। अभिषेक बच्चन ने बिना अनुमति के उनकी तस्वीर, आवाज़ और नाम के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है।

इससे पहले मंगलवार को, अभिषेक बच्चन की पत्नी ऐश्वर्या राय बच्चन ने भी व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को उनके नाम, तस्वीरों और एआई-जनरेटेड अश्लील सामग्री का अवैध रूप से इस्तेमाल करने से रोकने के लिए इसी तरह की एक याचिका दायर की थी।

2023 में, दंपति की बेटी आराध्या बच्चन ने भी अपने स्वास्थ्य पर भ्रामक सामग्री को रोकने और हटाने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

अभिषेक का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता प्रवीण आनंद ने कहा कि उनके मुवक्किल के एआई-जनरेटेड वीडियो बनाकर फर्जी तस्वीरें बनाई जा रही हैं।

उन्होंने तर्क दिया कि अभिषेक को कई फिल्मफेयर पुरस्कार मिले हैं और कई अज्ञात प्रतिवादी उनके चेहरे के साथ छेड़छाड़ करके या डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल करके उनका इस्तेमाल कर रहे हैं। जबकि, उनके मुवक्किल ने इसकी अनुमति नहीं दी है।

हालाँकि, पीठ ने कहा कि यूआरएल को आदेश का हिस्सा बनाने से वह सार्वजनिक हो जाता है और एक बार यूआरएल सार्वजनिक हो जाने पर, व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करने के बजाय, यह व्यक्ति के अधिकारों को और अधिक नुकसान पहुँचा सकता है।

इसके साथ ही, अदालत ने मामले की सुनवाई 15 जनवरी, 2026 तक के लिए स्थगित कर दी। ऐश्वर्या राय की याचिका भी इसी तारीख को सूचीबद्ध है।