नई दिल्ली, जेएनएन। Lok Sabha election 2019: लोकसभा चुनाव-2019 हाल ही में संपन्न हुआ है। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी (aad aadmi party) को करारी हार मिली है। AAP का कोई भी दांव कारगर साबित नहीं हुआ। कांग्रेस की सक्रियता ने भी AAP का बड़ा नुकसान किया है। इस खराब प्रदर्शन को देखते हुए AAP फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अभी से ही जुट गई है। AAP ने दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों को लेकर जंग शुरू कर दी है।

यही वजह है कि अरविंद केजरीवाल सरकार का पूरा मंत्रिमंडल सड़कों पर है। केजरीवाल पार्टी के विधायकों को यहां तक संदेश दे चुके हैं कि अक्टूबर में भी यदि चुनाव करा दिए जाते हैं तो हमें इसके लिए भी तैयार रहना है। इसी बीच मेट्रो व बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की योजना की घोषणा ने दिल्ली के सियासी तापमान में और गर्मी ला दी है।

राजनीतिक विशेषज्ञ साफ तौर पर मान रहे हैं कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मुफ्त सफर का दांव खेला है। उनकी मानें तो योजना लागू होने पर केजरीवाल को इसका लाभ मिलने की भी पूरी संभावना है। भाजपा और कांग्रेस केजरीवाल के इस दांव का काट ढूंढ़ने में जुट गए हैं, हालांकि भाजपा के नेताओं ने इस योजना को लेकर सवाल जरूर उठाए मगर वह सीधे तौर पर इसका विरोध करने से बच रही है।

मेट्रो और बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा को लेकर लगाए जा रहे राजनीतिक मायने पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह कहना बिलकुल गलत है कि इस योजना को विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लाया गया है। जब से हम सत्ता में आए हैं जनता को राहत देने के लिए बड़ी-बड़ी योजनाएं लाए हैं। इनमें कई ऐसी हैं जो हमारे 70 प्वाइंट वाले चुनावी घोषणापत्र में भी शामिल नहीं थीं।

उन्होंने कहा कि इस योजना को लेकर तीन माह से सरकार में विचार चल रहा था। इसके पीछे हमारा मकसद महिलाओं को सुरक्षित और मुफ्त सफर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि कई सर्वे में यह बात निकल कर आई है कि टैक्सी और ऑटो से अधिक सुरक्षित मेट्रो और बसें हैं।

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