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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi: मनीष सिसोदिया का नाम बदलने पर अनुराग ठाकुर पर भड़के संजय सिंह, कहा- सिसोदिया वंश का इतिहास पढ़ लेते

By GeetarjunEdited By:
Published: Sat, 20 Aug 2022 03:54 PM (IST)

नई आबकारी नीति (Delhi New Excise policy) को लकर सीबीआई की छापेमारी के बाद आम आदमी पार्टी (आप) और भाजपा ...और पढ़ें

मनीष सिसोदिया का नाम बदलने पर अनुराग ठाकुर पर भड़के संजय सिंह, कहा- सिसोदिया वंश का इतिहास पढ़ लेते
मनीष सिसोदिया का नाम बदलने पर अनुराग ठाकुर पर भड़के संजय सिंह, कहा- सिसोदिया वंश का इतिहास पढ़ लेते

नई दिल्ली, जागरण डिजिटल डेस्क। नई आबकारी नीति (Delhi New Excise policy) को लकर सीबीआई की छापेमारी के बाद आम आदमी पार्टी (आप) और भाजपा एक दूसरे पर हमलावर हो गई हैं। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की प्रेस कान्फ्रेंस के बाद अब AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने उन पर पलटवार किया है।

संजय सिंह ने शनिवार को उन्होंने ट्वीट कर कहा, "मनीष सिसोदिया पूरा नाम इज्जत से लेना अनुराग ठाकुर। अनुराग ठाकुर जी कम से कम सिसोदिया वंश का इतिहास तो पढ़ लेते। मनीष सिसोदिया से लड़ाई लड़ो, उनका नाम बदलने की हैसियत किसी में नहीं है। सिसोदिया महाराणा प्रताप जी के वंशज हैं, आगे से सोच समझ कर बोलना।

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अनुराग ठाकुर ने क्या कहा?

यह ट्वीट ठीक अनुराग ठाकुर की प्रेस कान्फ्रेंस के बाद आया है। शनिवार को दिल्ली के उपमुख्मंत्री मनीष सिसोदिया की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने AAP आदमी पार्टी पर प्रेसवार्ता कर निशाना साधा था। जहां उन्होंने कहा था कि भ्रष्टाचार के नए रिकॉर्ड बनाने में अरविंद केजरीवाल नंबर वन हैं। मनीष सिसोदिया का नया नाम अब MONEY SHH (मनी श) है। घोटाले करो और उटले पांव वापस जाओ"

इसके बाद उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने शराब के ठेकों का कमीशन 2 से बढ़ाकर 12 प्रतिशत क्यों किया? मनीष सिसोदिया बताएं कि इसमें जो आरोपी हैं, उनसे क्या रिश्ते हैं? उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता सच्चाई, जिम्मेदारी और सवालों से भागते हैं, अब ये जनता से भी दूर भागेंगे। आज जब मीडिया के मित्र इनसे सवाल पूछ रहे थे तो मनीष सिसोदिया उल्टे पांव भाग रहे थे"

उन्होंने आगे कहा कि शराब माफियाओं को बगैर कैबिनेट की अनुमति के 144 करोड़ रुपये क्यों वापिस किए गए। ऐसा किसके कहने पर किया गया?इसमें क्या अरविंद केजरीवाल की सहमति थी, या मनीष सिसोदिया के कहने पर ये किया गया। शराब के व्यापारियों के प्रति ये इतने नरम दिल क्यों हैं?