नई दिल्‍ली, जेएनएन। आम आदमी पार्टी (AAP) से सांसद संजय सिंह ने मोदी सरकार के पेश अंतरिम बजट पर सवाल उठाया है। उन्‍होंने तंज कसते हुए कहा कि क्‍या आपने किसानों का कर्ज सच में माफ कर दिया है? आपने (केंद्र सरकार) बड़े बिजनेस मैन का लोन माफ किया है। आप रोजाना किसानों को 17 रुपये दे रहें हैं और इसे सर्जिकल स्‍ट्राइक का दर्जा दे रहे हैं। क्‍या यह पाकिस्‍तान है? यह भारत हैं, पाकिस्‍तान नहीं हैं। कम-से- कम ऐेसे जुमलों का इस्‍तेमाल ना करें।

बता दें कि मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले पेश अंतरिम बजट में किसानों के लिए 6000 की राशि सालाना देने का एलान किया है। इसके बाद से कमोबेश सभी पार्टियां सरकार पर उंगली उठा रही हैं।

इससे पहले दिल्‍ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने बजट के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे 'फाइनल जुमला' बताया था। उन्होंने कहा कि यह मोदी का फाइनल जुमला है। इस अंतरिम बजट ने दिल्ली के लोगों को निराश किया है। केंद्रीय करों में हमारा हिस्सा 325 करोड़ पर ठहरा हुआ है, वहीं स्थानीय निकायों को भी कुछ नहीं मिला है। यानी दिल्ली के लोगों को अपने बजट पर निर्भर रहना होगा।

दिल्ली को मिले 1112 करोड़ रुपये
बता दें कि आम बजट 2019 (Union Budget 2019) में केंद्र ने दिल्ली को 2019-20 के लिए 1112 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। केंद्रीय करों और शुल्कों में दिल्ली के हिस्से में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है, हालांकि दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने इसमें बढ़ोतरी की मांग की थी। वित्त मंत्री पीयूष गोयल द्वारा शुक्रवार को पेश 2019-20 के आम बजट में दिल्ली सरकार को 1112 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता का प्रस्ताव किया गया है।

यहां पर बता दें कि पिछले बजट में दिल्ली सरकार के लिए आवंटन 790 करोड़ रुपये रहा था, जिसमें केंद्र की हिस्सेदारी 499 करोड़ रुपये थी। शुक्रवार को पेश अंतरिम बजट में दिल्ली सरकार को 10 करोड़ रुपये की राशि दी गई है, जिसका उपयोग 1984 सिख दंगों पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए किया जाएगा। इतनी ही राशि पिछले वित्त वर्ष 2018-19 के बजट में भी दी गई है।

वहीं, दिल्ली आपदा प्रतिक्रिया कोष (Delhi Disaster Response Fund) को भी पांच करोड़ रुपये दिए गए हैं। पिछले साल भी यही राशि थी, इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।

Posted By: Prateek Kumar

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस