नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दक्षिण दिल्ली की कालकाजी से आम आदमी पार्टी की विधायक आतिशी ने सोमवार को हार्वर्ड इंडिया कान्फ्रेंस-2021 को संबोधित किया। इस साल यह कान्फ्रेंस 'कोविड-19 के बाद शिक्षा में असमानता की चुनौती' विषय पर आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न की हैं। इसके चलते बच्चों की शिक्षा पूरे एक साल पीछे हो गई है। दिल्ली के शिक्षा माडल को संपूर्ण विश्व में बच्चों के सर्वागीण विकास के दृष्टिकोण के कारण नई पहचान मिल रही है।

AAP विधायक आतिशी ने कहा कि भारत में शिक्षा की समानता आर्थिक दृष्टिकोण से पहले से ही काफी संवेदनशील रही है, लेकिन कोविड-19 की अवधि के बाद यह संकट और भी गहरा गया है। कोरोना महामारी से पहले दिल्ली के सरकारी स्कूलों में विभिन्न स्तर पर शिक्षा की बाधाओं को दूर किया था और ध्यान बच्चों के सीखने पर केंद्रित था। कोरोना के दौरान महंगे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई लगभग अप्रभावित रही है, क्योंकि उन बच्चों के पास मोबाइल, इंटरनेट व लैपटाप आदि की सुविधा होती है, लेकिन सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के पास न लैपटाप होते हैं, न मोबाइल फोन और न ही घर पर वाई-फाई की सुविधा होती है। ऐसे में बच्चों ने अपना पूरा एक साल खो दिया है। कोरोना के समय में बच्चों तक आनलाइन शिक्षा पहुंचाने से ज्यादा अधिक महत्वपूर्ण समाज और परिवार की भागीदारी को बढ़ाना रहा, क्योंकि यही वह भूमिका है जिसके आधार पर भविष्य की परिभाषा तय की जा सकती है।

बता दें कि दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में काम हुआ है, इसकी चर्चा शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया भी कर चुके हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में शिक्षा का मुद्दा आम आदमी पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में भी शामिल रहा था।

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