गाजियाबाद (जेएनएन)। फर्जी स्टिंग ऑपरेशन एक राष्ट्रीय समाचार चैनल पर प्रसारित करने के वर्ष के मामले में आम आदमी पार्टी नेता आशुतोष, पत्रकार राजदीप सरदेसाई व अरुणोदय मुखर्जी ने शुक्रवार को एसीजेएम-3 की अदालत में सरेंडर किया। मामला गाजियाबाद के तत्कालीन सीएमओ डॉ. अजेय अग्रवाल ने दर्ज कराया था। आरोप फर्जी स्टिंग प्रसारित कर छवि धूमिल करने का है। सरेंडर करने के साथ ही तीनों आरोपितों ने जमानत अर्जी पेश की, जिस पर सुनवाई के बाद अदालत ने तीनों की जमानत मंजूर करने का निर्णय लिया।

अभियोजन अधिकारी संजय सिंह ने बताया कि तत्कालीन सीएमओ गाजियाबाद अजेय अग्रवाल वर्ष में नोएडा के सरकारी अस्पताल में ऑर्थो सर्जन थे। उस वक्त उन पर गाजियाबाद में भी चार्ज था। आरोप है कि इस दौरान उनका फर्जी स्टिंग किया गया और चैनल पर प्रसारित कर उनकी छवि को धूमिल की गई।

इस पर उन्होंने अदालत में मानहानि का शिकायत वाद दायर करते हुए राष्ट्रीय चैनल के तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारी व पत्रकार राजदीप सरदेसाई, अरुणोदय मुखर्जी और चैनल के तत्कालीन अधिकारी व पत्रकार और वर्तमान में आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष समेत नौ को नामजद कराया। अभियोजन अधिकारी के मुताबिक मामले में आरोपितों को हाई कोर्ट से राहत मिली।

इसके विरोध में डॉ. अजेय अग्रवाल सुप्रीम कोर्ट गए। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर निचली अदालत में मुकदमा चलाए जाने के आदेश दिए। इस मामले में अदालत आरोपितों के खिलाफ वारंट जारी करने के आदेश भी पूर्व में दे चुकी है। शुक्रवार को उपरोक्त तीनों ने अदालत में सरेंडर किया और बाद में उन्हें जमानत मिली गई। मामले में आरोपित संजय राय चौधरी व हर्ष चावला ने दो दिन पूर्व अदालत में सरेंडर किया था।

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