गुरुग्राम (जेएनएन)। गुरुग्राम के शीतला कॉलोनी के एक घर में माइक लगाकर नमाज पढ़ाने का मामला पिछले कई दिनों से तूल पकड़ रहा था। आसपास के लोग लगातार इसकी शिकायत कर रहे थे। इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच कई बार तनाव की स्थिति पैदा हो चुकी है। इन सबके बीच बुधवार को आखिरकार विवादित स्थल को सील कर दिया गया है। इसके बाद से मुस्लिम संगठनों में रोष है। किसी तरह के सांप्रदायिक तनाव की आशंका को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

पुलिस अधिकारी हिन्दु और मुस्लिम समुदाय के लोगों से बात कर उन्हें शांति बनाए रखने को कह रहे हैं। साथ ही पुलिस अधिकारी मुस्लिम प्रतिनिधियों को सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश की भी जानकारी दे रहे हैं, जिसके तहत सर्वोच्च न्यायालय ने सभी धार्मिक स्थलों पर माइक और स्पीकर आदि पर पूर्ण रोक लगा रखी है।

सुप्रीम कोर्ट का ये आदेश केवल धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि निजी पार्टी आयोजित करने वाले सामुदायिक केन्द्र, रेस्टोरेंट, व्यक्तिगत समारोहों समेत शोर-शराब करने वाले सभी आयोजनों पर लागू होता है। धार्मिक स्थल समेत समारोहों में स्पीकर व माइक आदि का प्रयोग करने के लिए जिला प्रशासन की अनुमति अनिवार्य है। अनुमति मिलने के बाद भी अनुमन्य सीमा में ही स्पीकर का प्रयोग किया जा सकता है।

नमाज के खिलाफ VHP ने किया था यज्ञ

शीतला कॉलोनी में नमाज पढ़े जाने को लेकर हिंदू एवं मुस्लिम समुदायों के बीच काफी समय से विवाद चला आ रहा है। शनिवार (आठ सितंबर) को कॉलोनी में हिंदू संगठनों ने यज्ञ का आयोजन कर एलान किया था कि किसी भी कीमत पर घर में माइक लगाकर नमाज नहीं पढ़ने देंगे। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि इस बारे में कार्रवाई करे। साथ ही चेतावनी भरे शब्दों में कहा था कि प्रशासन सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने की अनुमति न दे। यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन शुरू होगा। मांगों को लेकर एक बार फिर विभिन्न संगठन जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौपेंगे।

इलाके का माहौल खराब हो रहा है

हिंदू संगठनों का आरोप है कि मुस्लिम समुदाय के लोग एक घर में मस्जिद की तरह माइक लगाकर नमाज पढ़ते हैं। कुछ दिनों से बाहर से भी काफी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग पहुंचने लगे हैं। इस वजह से इलाके का माहौल खराब हो रहा है। शनिवार को विरोध दर्ज कराते हुए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के बैनर तले विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कॉलोनी में यज्ञ का आयोजन किया। इसमें विहिप के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन विशेष रूप से शरीक हुए।

गलत बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

यज्ञ के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा था कि किसी भी कीमत पर गलत बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने जिन सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने की अनुमति दे रखी है, उसे तत्काल वापस ले। नमाज पढ़ने की जगह मस्जिद है न कि सार्वजनिक स्थल। घर से पांच नहीं बल्कि दस-दस किलोमीटर दूर जाकर मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज पढ़ते हैं। सच्चाई यह है कि वे नमाज पढ़ने के माध्यम से अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं। जहां रहते हैं वहीं नमाज पढ़ें। शीतला कॉलोनी में जहां पर नमाज पढ़ी जाती है वहां पर मस्जिद नहीं है। दूर-दूर से लोग आकर नमाज पढ़ते हैं। जिस जगह नमाज पढ़ी जा रही है, उसे प्रशासन ध्वस्त कराए।

हिंदू संगठनों को आपत्ति नहीं होनी चाहिए

स्थानीय लोगों विहिप की सभा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। इस पर मुस्लिम एकता मंच के अध्यक्ष हाजी शहजाद खान का कहना था कि जिस जगह पर नमाज पढ़ी जा रही, वह घर नहीं बल्कि मस्जिद है। अपनी जगह पर समुदाय के लोग नमाज पढ़ते हैं। इसमें हिंदू संगठनों को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

कॉलोनी में सुरक्षा की विशेष व्यवस्था

दोनों समुदाय के बीच टकराव की आशंका को देखते हुए कॉलोनी में पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई है। शनिवार को विहिप के यज्ञ को देखते हुए भी सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई थी। इधर, भारत बचाओ संगठन के अध्यक्ष विक्रम सिंह यादव ने सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़े जाने के खिलाफ जिला उपायुक्त कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठने की तैयारी पूरी कर ली थी। उनके आमरण अनशन में कई हिंदू संगठन के कार्यकर्ता भी शामिल होने थे।

Posted By: Amit Singh