नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। राजधानी की 77 सड़कें जल्द जाम मुक्त होंगी। इन सड़कों से बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर, पेड़ और बिजली के तार हटाने से संबंधित अधिकांश कार्य वर्ष 2019 से लंबित हैं। उपराज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना ने सड़कों से बाटल नेक खत्म करने के मकसद से लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, गृह विभाग, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड और दिल्ली विकास प्राधिकरण समेत अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों संग यातायात सुचारु करने को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने लंबे समय से काम लंबित रहने पर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और चिह्नित सड़कों से अवरोधों को तीन महीने के भीतर हटाने का निर्देश दिया। कहा, इस कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

तय होगी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी

सूत्रों के अनुसार एलजी ने मुख्य सचिव नरेश कुमार से कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि यातायात में बाधा बन रहे पेड़, बिजली के खंभे हटाने समेत अन्य कार्य तय समय में पूरे हों और इसके लिए संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाए। लंबित 119 कार्यो में से 58 पर लोक निर्माण विभाग द्वारा कार्रवाई की जानी थी। आठ स्थानों पर वृक्षों को हटाने, सात स्थानों पर झुग्गियों और 17 स्थानों पर धार्मिक संरचनाओं के अलावा बिजली के ट्रांसफार्मर और पोल के प्रतिस्थापन, बैंक्वेट हाल के बाहर पर्याप्त पार्किग की सुविधा से संबंधित पांच कार्यो के अलावा, महत्वपूर्ण हिस्सों पर भीड़ कम करने में अत्यधिक देरी हो रही थी। इसमें महरौली-गुड़गांव रोड, महरौली-बदरपुर रोड, रिंग रोड (विजय नगर से बुराड़ी चौक), लोनी रोड (शाहदरा जीटी रोड से लोनी बार्डर तक) आदि शामिल हैं।

हर महीने की अंतिम कार्य दिवस पर होगी बैठक

एलजी ने निर्देश दिए हैं कि इस संबंध में किसी भी तरह की चल रही गतिविधि को तुरंत रोका जाना चाहिए। वह व्यक्तिगत रूप से इसकी निगरानी करेंगे और निर्देशों से किसी भी तरह की अनदेखी को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा। धार्मिक स्थलों को हटाने का निर्णय लेने वाली धार्मिक स्थल समिति के मामले में, यह निर्णय लिया गया कि समिति की बैठक हर महीने के अंतिम कार्य दिवस पर बुलाई जाएगी और सभी लंबित मामलों पर निर्णय लिया जाएगा।

77 सड़कों की हुई थी पहचान

बैंक्वेट हाल के स्थलों पर पार्किग के संबंध में यह निर्णय लिया गया कि डीडीए पहचान की गई भूमि को संस्थागत और राष्ट्रीय दरों पर एमसीडी को सौंप जाए। एमसीडी बदले में मौजूदा राजस्व बंटवारे के माडल में शामिल होने के बजाय, बैंक्वेट हाल के संघ को शामिल करेगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी टास्क फोर्स ने वर्ष 2017 में सुचारु यातायात के लिए 77 सड़कों की पहचान की थी जहां यातायात जाम हो जाता है। टास्क फोर्स की टीमों ने सड़कों में सुधार के लिए लगभग 400 किलोमीटर के 77 कारिडोर की पहचान की थी। इसका मकसद पहचान की गई सड़कों से बाधाओं को दूर करने के लिए रोड इंजीनियरिंग हस्तक्षेप, यातायात पुलिस की तैनाती और तकनीक के माध्यम से वाहनों का सुगम आवागमन सुनिश्चित करना था। व्यस्त समय के दौरान मैन्युअल और अनधिकृत पार्किग के खिलाफ कार्रवाई और अतिक्रमण हटाना शामिल हैं।

Edited By: Prateek Kumar