नई दिल्ली [नेमिष हेमंत]। दिल्ली सरकार ने कोरोना के कारण भयावह होती स्थिति को देखते हुए 17 मई तक के लाॅकडाउन की घोषणा की थी जो कि अगले सोमवार सुबह तक लागू रहेगा। संक्रमण दर के बीच दम तोड़ती चिकित्सा इंतजामों को देखते हुए दिल्ली सरकार के इस फैसले का दिल्ली के सभी व्यापारियों व औद्योगिक संगठनों ने समर्थन किया था। सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल और अध्यक्ष सुभाष खंडेलवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार हर हफ्ते स्थिति की समीक्षा करके

एक हफ्ते का लाॅकडाउन लगाकर बहुत ही संतुलित निर्णय ले रही है। अब चूंकि सोमवार सुबह लाॅकडाउन की अवधि समाप्त हो रही है। इसलिए हमने दिल्ली के तमाम व्यापारियों के बीच एक सर्वे कराया। इस सर्वे में दिल्ली के 400 से ज्यादा व्यापारी संगठनों ने हिस्सा लिया। जिसमें मार्केट एसोसिएशन्स, इंडस्ट्री एसोसिएशन्स, होटल एवं रेस्टोरेन्ट एसोसिएशन्स, ब्यूटी एवं वेलनेस एसोसिएशन्स सभी ने हिस्सा लिया ।

सर्वे में कश्मीरी गेट, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, सदर बाजार, खारी बावली, करोल बाग, कमला नगर, राजौरी गार्डन, नेहरू प्लेस, साउथ एक्स, शाहदरा, गांधी नगर, लक्ष्मी नगर, रोहिणी, पीतमपुरा, जनकपुरी, मालवीय नगर, द्वारका, ग्रेटर कैलाश आदि बाजारों के व्यापारियों ने हिस्सा लिया ।

सीटीआई के महासचिव विष्णु भार्गव और रमेश आहूजा ने बताया कि इन 400 में से लगभग 240 संगठनों का कहना था कि दिल्ली में लाॅकडाउन को एक हफ्ते और आगे बढाया जाना चाहिए क्योंकि दिल्ली में कोरोना केस और संक्रमण दर भले ही कम हो रहे हैं, लेकिन किसी भी तरह की कोताही ना बरतते हुए लाॅकडाउन बढा देना चाहिए। क्योंकि अगर किसी भी तरह की चूक हो गई तो दोबारा से कोरोना संक्रमण बढ सकता है, ज्यादातर व्यापारियों का कहना था कि जब तक संक्रमण दर 5 फीसद तक नहीं पहुंच जाता है तब तक लाॅकडाउन नहीं खोलना चाहिए। इसके अलावा लगभग 35 फीसद संगठनों का कहना था कि दिल्ली में लाॅकडाउन खत्म कर देना चाहिए और हफ्ते में तीन दिन या ऑड -इवेन के रूप में बाजारों को खोलने की अनुमति देनी चाहिए। बृजेश गोयल ने कहा कि व्यापारियों ने स्पष्ट किया वो लाॅकडाउन को लेकर केवल और केवल दिल्ली सरकार के निर्णय का पालन करेंगे और अपनी तरफ से कोई लाॅकडाउन नहीं करेंगे । 

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सीटीआई के सर्वे में दिल्ली के 28 औद्योगिक क्षेत्रों के फैक्ट्री मालिकों ने भी हिस्सा लिया,

लगभग 80 फीसद फैक्ट्री मालिकों का कहना था कि दिल्ली में चूंकि फैक्ट्रियों में आम लोगों की आवाजाही बिल्कुल नहीं होती है और वहां कोरोना संक्रमण का खतरा कम होता है इसलिए दिल्ली में जरूरी और गैर जरूरी सामान समेत सभी तरह की फैक्ट्रियों को खोलने की अनुमति मिलनी चाहिए। सीटीआई पदाधिकारियों के अनुसार वो इन सभी सुझावों की एक रिपोर्ट बनाकर सरकार को सौंपेंगे।

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