नई दिल्ली [मनोज भट्ट]। देश को सस्ती 5जी नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए काउंटडाउन शुरू हो गया है। शुक्रवार को देश के पहले 5जी बेस स्टेशन में 5जी नेटवर्क का ट्रायल सफल रहा है। जिसके बाद वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई हैं कि देश को वर्ष 2021 से सस्ती 5जी नेटवर्क सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। जो वर्तमान दर से दस गुना सस्ती होगी।

देश का पहला 5जी बेस स्टेशन स्थापित

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) दिल्ली में देश का पहला 5जी बेस स्टेशन स्थापित किया गया है। जिसने 5जी नेटवर्क के मानकीकरण के लिए शुक्रवार यानी 13 अप्रैल से काम करना शुरू किया है। देश में 5जी नेटवर्क के लिए पिछले पांच सालों से काम कर रहे आइआइटी दिल्ली इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर सैफ खान मोहम्मद ने कहा कि यह लैब ऐल्गोरिदम साफ्टवेयर विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जिससे पूर्ण 5जी बेस स्टेशन स्थापित होगा। इस बेस स्टेशन का प्रयोग सेलुलर कंपनी कर सकेंगी और लोगों को 5जी नेटवर्क उपलब्ध करा सकेंगी। इस तरह के बेस स्टेशन अगले साल तक विभिन्न आइआइटी में स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्टेशन के शुरू होने के साथ ही कई कंपनियों ने इसमेें रूचि दिखाई है। इसको लेकर हमारी कई सेलुलर कंपनियों से बातचीत चल रही है।

ऐसे सस्ता होगा इंटरनेट डाटा

5जी नेटवर्क शुरू होने के बाद 5जी डाटा कैसे सस्ता होगा, इसको लेकर प्रोफेसर सैफ खान मोहम्मद ने बताया कि अभी तक किसी भी सेलुलर कंपनी ने बेस स्टेशन देश में नहीं बनाया है। सभी सेलुलर कंपनी विदेश में बने 4जी बेस स्टेशन से सुविधा लेती हैं, जो उन्हें महंगी मिलती हैं। इस कारण आम आदमी को भी इंटरनेट टैरिफ मंहगा पड़ता हैं, लेकिन देश में स्थापित 5जी बेस स्टेशन के सुचारू हो जाने के बाद सेलुलर कंपनी को विदेश से मिलने वाली सुविधा यहीं से मिल जाएगी। जो दस गुना सस्ती होगी। इससे आम आदमी का इंटरनेट टैरिफ भी दस गुना तक सस्ता होगा और मोबाइल जैसे 5जी उत्पाद भी भारत में बनने लगेंगे। जो विदेशों से दस गुना तक सस्ते होंगे। उन्होंने कहा अगर कोई सेलुलर कंपनी विदेशी बेस स्टेशन से 5जी बेस स्टेशन शुरू करती है, तो 5जी नेटवर्क तो शुरू हो जाएगा, लेकिन देश में स्थापित बेस स्टेशन से ही सस्ते डाटा की सुविधा संभव हो सकेगी।

स्मार्ट सिटी के सपने को लगेंगे पंख

देश में 5जी नेटवर्क की शुरूआत से स्मार्ट सिटी के सपने को पंख लगेंगे। प्रोफेसर सैफ खान मोहम्मद ने कहा, 5जी नेटवर्क शुरू होने से जहां हाईस्पीड डेटा समेत कनेक्टिविटी का दायरा बढ़ेगा। जिससे काल ड्रॉप की समस्या खत्म होगी। तो वहीं नेटवर्क की स्पीड बढ़ने से सीसीटीवी कैमरों से रियल टाइम डाटा उच्च गुणवत्ता में मिलेगा।

5जी नेटवर्क शुरू करने में भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा 

विश्व के कई देशों की तुलना में भले ही भारत 3जी व 4जी नेटवर्क स्थापित व शुरू करने में पिछड़ा हो, लेकिन 5जी नेटवर्क स्थापित करने के लिए भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में है। प्रो सैफ खान मोहम्मद का कहना है कि यूरोप के कुछ देशों ने 5जी नेटवर्क का ट्रायल किया है, लेकिन अभी कहीं भी 5जी नेटवर्क शुरू नहीं हुआ है। उम्मीद है कि 2021 तक विदेश के कई देशों समेत भारत में 5जी नेटवर्क शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर अभी 5जी नेटवर्क को लेकर स्टैंडर्ड तैयार किए जा रहे हैं। यह स्टैंडर्ड अगले साल तक तैयार हो जाएंगे। इसके बाद 5जी नेटवर्क के विकास में और तेजी आएगी।

दस गुना कम होगा रेडियेशन

देश में 5जी नेटवर्क शुरू होने के साथ ही रेडियेशन की समस्या भी दस गुना कम हो जाएगी। प्रोफेसर सैफ खान मोहम्मद का 3जी व 4जी के टॉवर में अमूमन तीन एंटिना का प्रयोग किया जाता है। यह 120-120 डिग्री यानी 360 डिग्री में नेटवर्क पकड़ने के लिए ऊर्जा का प्रयोग करते हैं, लेकिन 5जी बेस स्टेशन में कुल 128 एंटिना हैं। इन एंटिना की खास बात यह है कि जिस स्थान ने इन्हें नेटवर्क पकड़ना होता है, यह वहीं ऊर्जा भेजते हैं। इससे 10 गुना तक कम ऊर्जा का प्रयोग होती है और रेडियेशन में भी दस गुना की कमी आएगी। 

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