नई दिल्‍ली, जेएनएन। Nagar Kirtan to Nankana Sahib on 550th prakash parv: श्री गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर दिल्ली से ननकाना साहिब (पाकिस्तान) तक नगर कीर्तन निकाले जाने को लेकर सिख संगठनों के बीच घमासान चल रहा है। इधर दिल्‍ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इस मामले में अपना पक्ष रखा। कहा कि गुरुनानक देव जी के 550 वें प्रकाश पर्व के अवसर पर दिल्ली से पाकिस्तान के ननकाना साहिब तक निकलने वाला नगर कीर्तन को लेकर दुष्प्रचार किया गया है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और पटना साहिब के साथ मिलकर नगर कीर्तन निकालने का प्रस्ताव बनाया गया। 29 मार्च को इसकी योजना बनाई गई। केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालय से मंजूरी ली गई। संगत के कहने के बाद करतारपुर साहिब ले जाने के लिए सोने की पालकी तैयार की गई है। इसे लेकर भी दुष्प्रचार किया जा रहा है।

468 लोगों के लिए वीजा के लिए आवेदन किया गया है। कमेटी की नगर कीर्तन की तैयारी पूरी हो गई है। सोने की पालकी ले जाने के लिए भी सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई है। कुछ लोग कमेटी को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं।

दो नगर कीर्तन के बजाय एक नगर कीर्तन निकालने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब ने एक कमेटी बनाई है जिसकी रविवार को बैठक हुई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अब अकाल तख्त का जो फैसला आएगा वह स्वीकार होगा।

कमेटी की बैठक रही बेनतीजा

श्री गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर दिल्ली से ननकाना साहिब (पाकिस्तान) तक नगर कीर्तन निकाले जाने को लेकर सिख संगठनों के बीच घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे आम सिख असमंजस में है। धार्मिक आयोजन को लेकर इस तरह के विवाद से नाराज श्री अकाल तख्त ने आम सहमति से एक नगर कीर्तन निकालने का फरमान जारी किया है। इसे लेकर कमेटी भी बनाई है, जिसकी बैठक बेनतीजा रही है। अब नौ अक्टूबर को श्री अकाल तख्त में इसे लेकर बैठक होगी। इससे सिखों में इस विवाद के हल होने की उम्मीद जगी है।

यह है बवाल का कारण

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीपीसी) और शिरोमणि अकाली दल दिल्ली (सरना) ने दिल्ली से ननकाना साहिब तक अलग-अलग नगर कीर्तन निकालने का एलान किया है। पहले दोनों पक्षों ने 28 अक्टूबर को गुरुद्वारा बंगला साहिब से नगर कीर्तन की शुरुआत करने की घोषणा की थी। बाद में सरना गुट ने विवाद टालने की बात कहते हुए स्थान बदलकर गुरुद्वारा नानक प्याऊ से नगर कीर्तन निकालने का फैसला किया। वहीं, डीएसजीपीसी के नगर कीर्तन की तिथि 28 अक्टूबर की जगह 13 अक्टूबर कर दी गई है। स्थान और समय जरूर बदल गया है, लेकिन दोनों के बीच जुबानी हमला जारी है। एक-दूसरे पर नगर कीर्तन को विफल करने और संगत को गुमराह करने का आरोप लगाते रहे हैं। श्री अकाल तख्त के जत्थेदार हरप्रीत सिंह ने विवाद दूर करने के लिए कमेटी बनाई है, जिसमें बंगला साहिब के मुख्य ग्रंथी रंजीत सिंह, डीएसजीपीसी के महासचिव हरमीत सिंह कालका, शिअद दिल्ली के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना, अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष त्रिलोचन सिंह और गुरुद्वारा टिकाना साहिब के प्रमुख संत अमृतपाल सिंह शामिल हैं। इस कमेटी की रविवार को बैठक भी हुई लेकिन दोनों ही पक्ष अलग-अलग नगर कीर्तन निकालने पर अड़े रहे।

बताते हैं कि सरना ने 28 अक्टूबर को गुरुनानक प्याऊ उनके द्वारा निर्धारित स्थान व तिथि पर नगर कीर्तन निकालने और उनकी पार्टी द्वारा तैयार की जा रही पालकी साहिब ले जाने की शर्त रख दी है। दूसरी ओर डीएसजीपीसी बंगला साहिब से नगर कीर्तन निकालने की तैयारी कर रही है व पालकी साहिब ले जाने पर अड़ी हुई है। दोनों पक्षों के नहीं झुकने से बैठक में कोई हल नहीं निकला।

दूसरी ओर डीएसजीपीसी के पूर्व अध्यक्ष और जागो नाम से नई पार्टी गठित करने वाले मनजीत सिंह जीके भी सरना के साथ खड़े हो गए हैं। उनका दावा है कि डीएसजीपीसी को पाकिस्तान सरकार से मंजूरी नहीं मिली है। कमेटी ने 278 लोगों के पासपोर्ट जमा कराए थे जिन्हें वीजा नहीं मिला है। इनके आरोपों को कमेटी की उपाध्यक्ष रणजीत कौर व संयुक्त हर¨वदर सिंह केपी ने खारिज करते हुए दावा किया है कि सभी जरूरी मंजूरी लेने के बाद ननकाना साहिब तक नगर कीर्तन सजाने की तैयारी चल रही है। दूसरी ओर इंटरनेशनल सिख काउंसिल की अध्यक्ष तरविंदर सिंह खालसा ने डीएसजीपीसी पर संगत की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसके पदाधिकारियों को श्री अकाल तख्त पर तलब करने की अपील की है।

Posted By: Prateek Kumar

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