नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। एम्स में अपनी नियुक्ति के बाद से ही लगातार सुधार करने में जुटे निदेशक प्रो. एम. श्रीनिवास ने अब पिछले 50 सालों से चल रहे एमबीबीएस की पढ़ाई के पैटर्न को बदलने की तैयारी शुरू कर दी है। पैटर्न में बदलाव के सुझाव देने के लिए निदेशक ने बुधवार को एक सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। यह समिति शिक्षण, प्रशिक्षण व मूल्यांकन के पैटर्न में बदलाव के लिए सुझाव देगी। इस बदलाव का कारण यह है कि पिछले कुछ वर्षों में शिक्षण का तरीका बदल गया है।

चिकित्सा शिक्षा की पढ़ाई में आनलाइन विधियों और अन्य तकनीकों की भी भागीदारी बढ़ गई है। इसलिए शिक्षण, नैदानिक प्रशिक्षण और मूल्यांकन के वर्तमान पैटर्न को संशोधित करने व एक राष्ट्रव्यापी कार्यान्वयन के लिए एक मान्य माडल विकसित करने की आवश्यकता है। समिति सभी हितधारकों के साथ दो महीने के उचित परामर्श के बाद शैक्षिक, नैदानिक प्रशिक्षण और एमबीबीएस की अंतिम वर्ष की परीक्षा के पैटर्न में आवश्यक बदलाव पर सुझाव देगी। साथ ही अनुमोदन और कार्यान्वयन के लिए डीन को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। कुलसचिव समिति की बैठक के लिए उपलब्धता के आधार पर डीन की समिति के कमरे की बुकिंग कराएंगे।

अब प्रैक्टिकल पर होगा जोर

अकादमिक विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में एमबीबीएस में किताबी ज्ञान (थ्योरी) पर अधिक ध्यान दिया जाता है। परीक्षा में 15 अंक का ही प्रैक्टिकल होता है। 85 प्रतिशत अंक थ्योरी के सवालों पर आधारित होते हैं। प्रैक्टिकल के लिए एमबीबीएस के छात्रों की 15-15 के बैच में क्लीनिकल पोस्टिंग होती है। एम्स में हाल ही में एक सर्वे किया गया, जिसमें पाया गया कि एमबीबीएस के करीब 50 प्रतिशत छात्र क्लीनिकल ड्यूटी के दौरान गायब रहते हैं। वे मेडिकल स्नातकोत्तर की तैयारियों पर ज्यादा जोर देते हैं। इस वजह से एमबीबीएस के डाक्टरों में क्लीनिकल दक्षता बेहतर विकसित नहीं हो पाती। इसलिए एमबीबीएस का कोर्स अब 75 प्रतिशत मरीजों की देखरेख पर आधारित होगा। परीक्षा में प्रैक्टिकल व मरीजों के इलाज से संबंधित सवालों पर अधिक अंक निर्धारित होंगे और थ्योरी से कम सवाल पूछे जाएंगे।

ये हैं समिति के सदस्य

1 डा. पीयूष रंजन, प्रोफेसर मेडिसिन विभाग (अध्यक्ष)

2. डा. राकेश कुमार प्रोफेसर, ओटोलर्यनोलोजी विभाग

3 डा. रणवीर सिंह जादौन, अतिरिक्त प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग

4 डा. मोहित जोशी, अतिरिक्त प्रोफेसर, सर्जरी विभाग

5. डा. विदुषी कुलश्रेष्ठ, अतिरिक्त प्रोफेसर, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग

6 डा. अदिति सिन्हा, अतिरिक्त प्रोफेसर, बाल रोग विभाग

7. डा. सिद्धार्थ सरकार, अतिरिक्त प्रोफेसर, मनोरोग विभाग और एनडीडीटीसी, सदस्य सचिव

8. डा. कनिका साहिनी, अतिरिक्त प्रोफेसर, त्वचा विज्ञान और रतिज रोग विभाग

9. डा. विवेक शंकर, एसोसिएट प्रोफेसर, आर्थोपेडिक्स विभाग

10. डा. मनप्रीत कौर, सहायक प्राध्यापक, नेत्र विज्ञान विभाग

11 डा. मोहन बैरवा, सहायक प्राध्यापक, सामुदायिक चिकित्सा विभाग

Edited By: Abhi Malviya

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