नई दिल्ली [वीके शुक्ला]। Delhi Winter Action Plan 2020-21:  कोरोना काल में दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार बेघरों के लिए इस बार खास तैयारी कर रही है। इस बार सर्दियों में बेघरों के लिए 250 फायर प्रूफ टेंट लगेंगे। ये टेंट बरसात से बचाएंगे और आग लगने का खतरा नहीं होगा। टेंट के लिए दिल्ली सरकार के तहत दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। टेंट चार माह के लिए चलेंगे। इन्हें लगाने, इनमें रैन बसेरे बनाने और इन्हें संचालित करने पर करीब 4 करोड़ 92 लाख की राशि खर्च की जाएगी। रैन बसेरा चलाने वाली कंपनी ही बेघरों को रहने के लिए चारपाई,बिस्तर से लेकर भोजन तक उपलब्ध कराएगी। ये रैन बसेरे 15 नवंबर से तैयार होना शुरू होंगे जो एक दिसंबर से शुरू कर दिए जाएंगे।

डूसिब बेघरों के लिए रैन बसेरा चलाता है। दिल्ली में 193 रैन बसेरे स्थायी रूप से बने हैं। जिनकी क्षमता 17 हजार है। मगर शारीरिक दूरी के नियम के चलते इनमें 7 हजार लोगों की व्यवस्था की गई है। सर्दियों में रात में ठंड बढ़ने के साथ ही बेघरों की रैन बसेराें में पहुंचने की संख्या बढ़ने लगती है। इसे देखते हुए स्थायी 193 रैन बसेरों के अलावा पिछले साल के 70 अस्थायी टेंटों में चलने वाले रैन बसेरों की जगह इस बार 250 टेंट लगेंगे। कोरोना के चलते इस बार शारीरिक दूरी का पालन करना अनिवार्य है और बेघरों को आश्रय भी दिया जाना है। ऐसे में इस बार 250 रैन बसेरे टेंट में चलाने का डूसिब ने फैसला लिया है। इन टेंट में बनने वाले रैन बसेरों में शारीरिक दूरी के साथ 3 हजार लोगों के रहने की व्यवस्था हो सकेगी। इसके अलावा शारीरिक दूरी का पालन करते हुए 7 हजार लोगों के स्थायी रैन बसेरों में व्यवस्था है। कुल मिलाकर दस हजार बेघरों के रहने की रैन बसेरों में व्यवस्था होगी।

इस बार सभी को मिलेगी चारपाई

डूसिब इस प्रयास में है कि इस बार सभी बेघरों को चारपाई उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा कई जगह बेघरों को रात्रि विश्राम के लिए इस बार बंकर बेड उपलब्ध कराए जाएंगे। यह बेड डबल होते हैं। एक बेड के बराबर स्थान में ऊपर नीचे दो लोग सो सकते हैं। अभी तक कुछ रैन बसेरों में जमीन पर लेटने की व्यवस्था थी। जिसे बिल्कुल समाप्त किया जा रहा है। सभी बेघरों को गद्दे, चादर, तकिया व ओढ़ने के लिए पर्याप्त कंबल उपलब्ध कराए जाएंगे।

1 नवंबर से सुबह का नाश्ता भी रैन बसेरों में मिलेगा

रैन बसेरों में रह रहे लोगों को एक नवंबर से सुबह का नाश्ता भी मिलेगा। अभी तक दोपहर और शाम का भोजन दिए जाने की व्यवस्था है। अब नाश्ते में चाय व ब्रेड पकोड़ा या दलिया आदि की व्यवस्था रहेगी। बेघरों की मदद और सूचना देने के लिए डूसिब का कंट्रोल रूम इस बार कोरोना के चलते पहले से ही चल रहा है। इसके अलावा रैन बसेरा एप भी संचालित है। 

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