नई दिल्ली, जेएनएन। Lok Sabha Election 2019: केंद्रीय राज्य मंत्री विजय गोयल ने कहा कि अपनी हार को देखते हुए आम आदमी पार्टी (AAM AADMI PARTY) के नेता निराश हैं और अब प्रपंच की सियासत कर रहे हैं। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री यह झूठ फैला रहे हैं कि भाजपा उनके सात विधायकों को दस-दस करोड़ रुपये में खरीदने की कोशिश कर रही है। हकीकत यह है कि आम आदमी पार्टी (AAP) के सात नहीं, बल्कि 14 विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के तानाशाही रवैया की वजह से AAP के कई विधायक पार्टी छोड़ने को तैयार हैं। वह प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धर्म के नाम पर वोट मांगते हैं। उसके बाद वह झुग्गी बस्तियों में पर्चे बंटवाकर लोगों को गुमराह करने की साजिश रचते हैं। AAP के नेता प्रधानमंत्री व भाजपा अध्यक्ष के लिए अमर्यादित टिप्पणी करते हैं। पूर्वी दिल्ली से AAP प्रत्याशी आतिशी गुंडों को वोट देने की बात कहती हैं। अब मनीष सिसोदिया अपने विधायकों को बिकाऊ बता रहे हैं। यह सच है कि कई विधायकों को AAP में घुटन हो रही है। पूर्व में भी AAP के कई विधायक विद्रोह कर चुके हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री केजरीवाल व पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज से तंग आकर विधायक अलका लांबा ने कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा जताई थीं। कई और नेता पार्टी छोड़ने को तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि AAP में जिस तरह की तानाशाही चल रही है और कई नेताओं को अपमानित होकर पार्टी छोड़ने को मजबूर होना पड़ा है, उसके बाद कोई भी स्वाभिमानी व्यक्ति वहां नहीं जाना चाहेगा। प्रेस वार्ता में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व दिल्ली के प्रभारी श्याम जाजू, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के सांसद व प्रत्याशी प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव बब्बर, प्रवक्ता हरीश खुराना, तजेंद्र पाल ¨सह बग्गा, मीडिया प्रमुख अशोक गोयल देवराहा उपस्थित थे।

यहां पर बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के मुखिया ने भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) पर बेहद संगीन आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी के 7 विधायकों को खरीदने की कोशिश की जा रही है। समाचार एजेंसी के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी ने AAP के सात विधायकों को 10-10 करोड़ रुपये का ऑफर दिया है।

न्यूज एजेंसी एएनआइ से बातचीत में अरविंद केजरीवाल ने बताया था कि पिछले तीन दिन के दौरान हमारे 7 विधायकों ने बताया था कि भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें 10-10 करोड़ रुपये में खरीदने की पेशकश की थी। केजरीवाल ने कहा कि वो हमारे विधायकों को तोड़ना चाहते हैं ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शोभा नहीं देता। दो दिन पहले पीएम ने कहा था कि वो ममता बनर्जी के 40 विधायकों को खरीद कर पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार की सरकार को गिरा देंगे।

इससे पहले बुधवार को आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी भारतीय जनता पार्टी पर विधायकों की खरीदने की कोशिश का आरोप लगाकर सियासी पारा को और गर्मा कर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उनके सात विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही है। सभी विधायकों को दस-दस करोड़ ऑफर दिए जा रहे हैं।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि अभी हाल में ही भाजपा ने पार्टी में शामिल होने के लिए आम आदमी पार्टी के विधायकों को दस करोड़ का ऑफर दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव में भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है इसलिए वह विधायकों की खरीद-फरोख्त में जुट गई है।

मनीष सिसोदिया ने नहीं बताएथे विधायकों का नाम
दिल्ली के डिप्टी सीएम ने हालांकि यह नहीं बताया कि किन-किन विधायकों को भाजपा ने पार्टी में शामिल होने और दस करोड़ देने का ऑफर दिया। सिसोदिया ने अभी हाल में पीएम मोदी के उस भाषण का जरूर जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल में सत्तारुढ़ टीएमसी के चालीस विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल की तरह भाजपा दिल्ली में भी विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है।

आम आदमी पार्टी (AAP) के सात विधायकों को खरीदने की कोशिश के आरोप को भाजपा ने खारिज कर दिया है। उसका कहना है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गलत नीतियों और जनता से वादाखिलाफी से नाराज आप के कई विधायक उन्हें छोड़कर जा रहे हैं। अपनी नाकामी को छिपाने के लिए आप नेता भाजपा पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। जिन विधायकों को मुख्यमंत्री कभी हीरा बताते थे अब उन्हें बिकाऊ कह रहे हैं। मनीष सिसोदिया को बिकाऊ विधायकों का नाम बताना चाहिए।

दिल्ली-NCR की ताजा खबरों को पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप