नई दिल्ली, जागरण संवादाता।  दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट के ट्रांजिट जोन में पिछले 15 दिनों से एक विदेशी नागरिक यह कहते हुए डेरा डाले हुए है कि उसके पास आगे की यात्रा के लिए पैसे नहीं है। यह यात्री अफ्रीकी देश नामीबिया का नागरिक खुद को बता रहा है।

नामीबिया दूतावास को किया गया सूचित

इस जानकारी के बाद इमिग्रेशन अधिकारियों ने इस मामले में नामीबिया के दूतावास को सूचित किया है। हालांकि अभी तक दूतावास के अधिकारियों की ओर इस यात्री की मदद या किसी अन्य कार्रवाई नहीं की गई है। एयरपोर्ट सूत्रों का कहना है कि ट्रांजिट जोन में ऐसे मामले सामने आते रहते हैं।

15 दिनों तक रुकने की यह पहली घटना

लेकिन अधिकांश मामलों में यात्री तीन से चार दिन तक ही कोई कारण बताकर रुकते हैं। 15 दिनों तक रुकने की हाल फिलहाल यह पहली घटना है। इससे पहले कोरोना काल में एक जर्मन नागरिक को ट्रांजिट एरिया में लंबे समय तक देखा गया। लेकिन इसके पीछे वजह कोराना के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लगा रोक था। बाद में दूतावास के हस्तक्षेप पर उसे जर्मनी भेजा गया था।

यात्री के पास नहीं हैं जरूरी पैसे

नामीबियाई नागरिक के मामले में समस्या यह है कि इसके पास यहां रुकने की कोई खास वजह नहीं है। इसका कहना है कि उसके पास आगे की यात्रा के लिए जरूरी पैसे नहीं हैं। लेकिन उसकी इस बात पर किसी को इसलिए भरोसा नहीं हो रहा है क्योंकि वह अपने खाने पीने की अधिकांश जरूरतों को अपने पैसे से पूरा कर रहा है।

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सूत्रों का कहना है कि यह सिंगापुर से डिपोर्ट कर यहां भेजा गया था, क्योंकि सिंगापुर के लिए यह नई दिल्ली से ही निकला था। लेकिन वहां के इमिग्रेशन ने इसे यह कहते हुए डिपोर्ट कर दिया कि इसके पास सिंगापुर में प्रवेश के लिए जरूरी कागजात नहीं है।

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Edited By: Shyamji Tiwari

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