- गाजियाबाद निवासी कैब ड्राइवर की गिरफ्तारी से खुला राज, दूसरा आरोपित फरार

- हत्या के बाद शव को गौतमबुद्ध नगर में फेंका, परिवार को नहीं मिल पाई अभी अस्थियां जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली : शकरपुर इलाके से चार्टड अकाउंटेंट (सीए) के छात्र की अपहरण के बाद 18 मई को हत्या कर दी गई। मामले की जांच में जुटी पुलिस ने जब एक आरोपित को गिरफ्तार किया तो हत्या के राज से परदा उठा। यह भी पता चला कि हत्या से पहले पीड़ित के परिजनों से फिरौती भी वसूली गई। मृतक की पहचान चंदन झा (28) के रूप में हुई है। पकड़ा गया आरोपित कोई और नहीं बल्कि चंदन की कैब का ही चालक है। उसकी पहचान अंकित निवासी गाजियाबाद के रूप में हुई है। अंकित ने अपने एक साथी इंद्रजीत उर्फ श्याम के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था और शव को गौतमबुद्ध नगर के थानाक्षेत्र ईकोटेक थ्री में फेंक दिया था। पुलिस श्याम की तलाश में जुटी है।

पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से गांव-डरडीहा, मधुबनी, बिहार निवासी चंदन शकरपुर के स्कूल ब्लॉक इलाके में किराये के मकान में रहते थे। वह सीए अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहे थे। घर खर्च के लिए उन्होंने एक स्विफ्ट डिजायर कार को ओला और उबर में कैब के रूप में लगाया हुआ था। अंकित को उन्होंने चालक के रूप में नौकरी पर रखा हुआ था। गत 15 मई को अंकित चंदन के पास अपना वेतन लेने गया था। चंदन ने उसे चार और पांच हजार रुपये के दो चेक दे दिए। इसके बाद चंदन ने अंकित को कहा कि वह उसे गाजीपुर सीएनजी पंप तक छोड़ देंगे। वहां पहुंचने पर अंकित चंदन को बहुआपुरा गांव, कौशांबी, गाजियाबाद में रहने वाले श्याम के घर ले गया। वहां पार्टी करने के बाद दोनों ने उन्हें बंधक बना लिया। आरोपितों ने चंदन से उनकी मां को फिरौती के लिए फोन कराया था। अगले दिन चंदन के दोस्त अखिलेश को भी फोन कराया गया। लेकिन, दोनों जगह से पैसे का इंतजाम नहीं हो पाया। इसके बाद दिल्ली में ही रहने वाले चंदन के जीजा हरि नारायण को फोन किया गया। उन्होंने 17 मई को 1,62,000 रुपये आरोपितों के खाते में डाल दिए। आरोपितों ने रात आठ बजे तक चंदन को छोड़ने की कही थी, लेकिन छोड़ा नहीं।

18 मई को तड़के 4:30 बजे चंदन को कहीं चलने की बात कहकर आरोपित कार में लेकर निकल गए। अंकित कार चला रहा था। चंदन साथ वाली सीट पर थे। श्याम पीछे बैठा था। उसी दौरान श्याम ने रस्सी से चंदन का गला घोंट दिया। इसके बाद शव को गौतमबुद्ध नगर में फेंककर फरार हो गए। आरोपितों ने कार को भी मोदीनगर के पास गंगनहर में फेंक दिया। पुलिस ने कार भी बरामद कर ली है।

इधर, 15 मई को चंदन की बहन कविता ने शकरपुर थाने में अपहरण की सूचना दे दी थी। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच करती रही। शुक्रवार को आखिरकार पुलिस ने अंकित को पकड़ा। उससे सख्ती से पूछताछ की तो सारा मामला खुल गया। इसके बाद पुलिस टीम परिवार को लेकर नोएडा पहुंची तो पता चला कि शिनाख्त नहीं होने के कारण गौतमबुद्ध नगर पुलिस शव का अंतिम संस्कार कर चुकी है। परिवार में पसरा मातम

चंदन के पिता आनंद मोहन झा और मां रेणु झा गांव में रहते हैं। यहां बदरपुर में उनकी बहन कविता और जीजा हरि नारायण रहते हैं। हरि ने बताया कि चंदन जब छोटे थे तभी से उनके पास रह रहे थे। इधर, कुछ सालों से वह शकरपुर में रहने लगे। कानून की पढ़ाई के साथ-साथ वह सीए भी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि अभी तक उनकी अस्थियां भी परिवार को नहीं मिल पाई हैं। वे लगातार पुलिस से बातचीत कर रहे हैं, लेकिन कहीं से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पा रही है। वर्जन

शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ चुकी है। बिसरा प्रिजर्व करने के साथ अन्य कागजी कार्रवाई भी भी पूरी हो चुकी है। मृतक की अस्थियां सुरक्षित रखी हैं। चूंकि मामला दिल्ली पुलिस से जुड़ा है। ऐसे में अस्थियां पहले दिल्ली पुलिस को सौंपी जाएंगी। इसके बाद परिजन दिल्ली पुलिस से अस्थियां प्राप्त कर सकेंगे। अस्थियां ले जाने के लिए उसे सूचना दी जा चुकी है। अनीता चौहान

थाना प्रभारी, ईकोटेक थ्री, गौतमबुद्ध नगर

Posted By: Jagran