नई दिल्ली। दिल्ली सरकार वृद्धावस्था पेंशन लेने वालों की संख्या बढ़ाएगी। इस प्रस्ताव पर दिल्ली सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। सरकार का मानना है कि जितने लोगों को पेंशन मिल रही है, जरूरतमंद इससे अधिक हैं। ऐसे में बहुत से लोग रह जा रहे हैं जिन्हें पेंशन नहीं मिल पा रही है।

सरकार अब हर महीने पेंशन देने की तैयारी कर रही है। इस समय प्रति विधानसभा 20 हजार लोगों को पेंशन का लाभ दिया जाता है।

ऐसे में केवल 4 लाख लोग ही इस दायरे में आ सकते हैं, मगर इसे दिल्ली सरकार अपने स्तर पर नहीं बढ़ा सकती है, इसलिए इसकी संख्या बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार के अलावा विश्व बैंक से भी चर्चा की जाएगी।

विभाग के एक अधिकारी के अनुसार अभी अधिकतम सीमा चार लाख है और इसमें से करीब 3.7 लाख लोगों को पेंशन दी जा रही है जबकि कई लोग ऐसे हैं जिन्हें कुछ तकनीकी कारणों (कागज आदि जमा न करने के कारण) से पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा।

पेंशन के तहत 60 से 70 वर्ष तक के बुजुर्गो को हजार व 70 वर्ष से अधिक को 1500 रुपये की राशि हर माह दी जाती है। बुजुर्गो, विधवाओं और दिव्यांगों को सरकार से मिलने वाली पेंशन अब हर माह मिलेगी। पहले यह पेंशन तीन माह में एक बार मिलती थी।

दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग ने इसे लागू करने की तैयारियां पूरी कर ली है। जल्द ही कैबिनेट में इस प्रस्ताव को लाया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस फैसले को लागू कर दिया जाएगा। प्रति माह के हिसाब से आर्थिक मदद के रूप में पेंशन दे रही है।

पेंशन को सरकार द्वारा असहाय लोगों की सहायता के लिए शुरू किया गया था। सरकार विधवाओं, सीनियर सिटीजन और दिव्यांगों को पेंशन देती है। पेंशन लेने वालों में अक्सर वे लोग होते हैं जिन्हें दवाई और जीवन यापन के लिए धन की जरूरत होती है।

इन लोगों को सरकार द्वारा तीन माह में एक बार यानी तीन माह की एक साथ पेंशन मिलती थी। जिससे उन्हें दवाई व अन्य चीजों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था।

सरकार का मानना है कि तीन माह में पेंशन एक बार मिलने से लोगों के पैसे जल्द खर्च हो जाते हैं, जिससे उन्हें दूसरे लोगों से उधार लेना पड़ता है। वहीं, इसके समाधान के मद्देनजर सरकार के फैसले के बाद अब लोगों को हर माह पेंशन मिलेगी।

Posted By: JP Yadav

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