रणविजय सिंह, नई दिल्ली

मेट्रो के किराये में वृद्धि के बाद कम हुई यात्रियों की संख्या एक बार फिर पुराने ट्रैक पर आने लगी है। फेज तीन की सभी लाइनों पर मेट्रो का परिचालन शुरू होने पर यात्रियों की संख्या और बढ़ेगी। इसके मद्देनजर दिल्ली मेट्रो की पुरानी लाइनों पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने पुरानी लाइनों के लिए 582 कोच खरीदने के लिए दिल्ली सरकार के पास प्रस्ताव भेजा है। यह फाइल दिल्ली सरकार के पास विचाराधीन है। सरकार की स्वीकृति के बाद नए कोच की खरीद प्रक्रिया शुरू होगी।

वर्तमान में दिल्ली मेट्रो में 2158 कोच (328 ट्रेन) स्वीकृत हैं। इसमें पुरानी लाइनों पर 244 ट्रेनें (1654 कोच) रफ्तार भर रही हैं। इसके अलावा फेज तीन की तीन नई लाइनों के लिए 84 ट्रेनें (504 कोच) स्वीकृत हैं, जिसमें से करीब 70 फीसद कोच मेट्रो के बेड़े में शामिल हो गए हैं। शेष जून तक आ जाएंगे। इस तरह दिल्ली मेट्रो के बेड़े में जून तक 2158 कोच उपलब्ध होंगे।

दिल्ली मेट्रो में प्रतिदिन औसतन 27 लाख यात्री सफर करते हैं। जबकि दिल्ली एनसीआर में फेज तीन के करीब 89 किलोमीटर कॉरिडोर पर अभी मेट्रो का परिचालन शुरू होना शेष है। इसमें 74-75 किमी हिस्सा दिल्ली में है। इसमें से मजलिस पार्क-शिव विहार कॉरिडोर (पिंक लाइन) का 38.35 किमी व मजेंटा लाइन का 25 किमी हिस्सा शामिल है। वर्तमान में मजेंटा लाइन के 12.64 किमी हिस्से पर बोटेनिकल गार्डन-कालकाजी मंदिर के बीच व पिंक लाइन पर साउथ कैंपस-मजलिस पार्क के बीच 20.24 किमी हिस्से पर मेट्रो का परिचालन हो रहा है। 11.18 किमी लंबी मुंडका-बहादुरगढ़ मेट्रो लाइन पर जल्द परिचालन शुरू होने वाला है। इसके अलावा द्वारका-नजफगढ़ के बीच 4.24 किमी लंबा कॉरिडोर निर्माणाधीन है। अभी दिल्ली मेट्रो में 16 इंटरचेंज स्टेशन हैं। जबकि फेज तीन की परियोजनाएं पूरी होने पर दिल्ली एनसीआर में 27 इंटरचेंज स्टेशन होंगे। इस तरह दिल्ली मेट्रो की सभी लाइनें आपस में जुड़ जाएंगी और मेट्रो बदलकर दिल्ली के किसी हिस्से में पहुंचना आसान हो जाएगा। मेट्रो अधिकारियों का अनुमान है कि आगामी समय में मेट्रो में प्रतिदिन औसतन 35 लाख से अधिक यात्री सफर करेंगे।

सूत्रों के अनुसार, डीएमआरसी ने दिल्ली सरकार के पास 916 कोच खरीदने का प्रस्ताव भेजा है। इसमें से 334 कोच चौथे फेज की परियोजना के लिए हैं। हालांकि, चौथे फेज की परियोजना अभी अधर में है। जबकि 582 कोच फेज तीन मेट्रो की मौजूदा लाइनों के लिए प्रस्तावित है। मेट्रो में ज्यादातर छह व आठ कोच की ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। इस लिहाज से देखें तो 582 कोच का मतलब है छह कोच की 97 या आठ कोच की 72 ट्रेनें बेड़े में शामिल की जा सकती हैं।

Posted By: Jagran

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