जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली : साधना की रात ही महाशिवरात्रि है। बाह्य रूप से जितनी भी शिव साधना के लिए पूजा कर्म हैं, वे सब साधकों को कर्मकांड के साथ-साथ सांकेतिक ज्ञान भी देते हैं। जैसे काली रात में छोटा सा दीया भी रोशनी करके पथ प्रदर्शक बनता है, ठीक उसी प्रकार पूर्णत: अज्ञान में डूबे हुए व्यक्ति के लिए एक छोटी से छोटी साधना भी कारगर साबित होती है। ये बातें पंडित बालकिशन शर्मा ने प्रवचन के दौरान कही।

मौजपुर स्थित श्री कृष्ण मंदिर में बृहस्पतिवार को महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि सांसारिक जीवन में मनुष्य जितना धैर्य रखता है, उतनी ही उन्नति करता है। बस इसी शब्द को अपने आध्यात्मिक, ईश्वरीय मार्ग पर ध्यान देने की जरूरत है।

By Jagran