'कौन से वाले पापा?' कहना पड़ा भारी, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने पर कोर्ट ने व्यक्ति को ठहराया दोषी
तीस हजारी कोर्ट ने एक व्यक्ति को महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप में दोषी ठहराया है। आरोपित ...और पढ़ें
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दिल्ली की तीसहजारी अदालत ने माना कि एक व्यक्ति द्वारा महिला से कही गई बात, 'कौन से वाले पापा?' एक अपमानजनक टिप्पणी थी।
HighLights
महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने पर व्यक्ति दोषी करार।
'कौन से वाले पापा?' टिप्पणी को कोर्ट ने अपमानजनक माना।
आरोपित को भारतीय दंड संहिता की धारा 509 के तहत सजा।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के मामले में तीस हजारी की मजिस्ट्रेट कोर्ट ने एक आरोपित को दोषी करार दिया। अदालत ने माना कि एक व्यक्ति द्वारा महिला से कही गई बात, 'कौन से वाले पापा?' कोई साधारण सवाल नहीं था, बल्कि यह महिला के चरित्र और उसके बच्चे के पिता कौन हैं, अपमानजनक टिप्पणी थी।
कोर्ट ने सख्ती से की शब्दों की विवेचना
न्यायिक मजिस्ट्रेट मोक्ष बैंस ने कहा कि यह टिप्पणी तब की गई थी जब महिला अपनी तीन साल की बेटी से कह रही थी, 'देखो पापा आ गए।' इस टिप्पणी का मतलब यह था कि बच्चे के पिता एक से अधिक व्यक्ति हो सकते हैं।
धारा-509 के तहत दोषी ठहराया
अदालत ने कहा कि इन शब्दों का मतलब सिर्फ उनके शाब्दिक अर्थ से नहीं, बल्कि उन खास हालात से निकलता है जिनमें ये कहे गए थे। अदालत ने कहा कि इस तरह का आरोप सिर्फ बदतमीजी या मजाक-मजाक में कही गई बात से कहीं अधिक है और यह महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। उक्त टिप्पणियों के साथ अदालत ने आरोपित को भारतीय दंड संहिता की धारा-509 के तहत दोषी ठहराया।
वर्ष 2021 में की थी अभद्र टिप्पणी
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 23 मार्च 2021 को जब महिला अपनी तीन साल की बेटी के साथ घर के बाहर सड़क पर चल रही थी ताकि बच्ची को उसके पिता के पास छोड़ सके। इलाके में कपड़े प्रेस करने का काम करने वाला व्यक्ति सड़क के कोने पर बैठा था। महिला ने अपनी रोती हुई बेटी को चुप कराने की कोशिश करते हुए कहा, 'देखो पापा आ गए, रोओ मत।' इस पर व्यक्ति ने टिप्पणी की कि कौन से वाले पापा?
महिला ने किया अनसुना, ससुर ने बुलाई पुलिस
महिला ने इस टिप्पणी को नजरअंदाज कर दिया और बाद में अपने ससुर को बताया। इस पर ससुर ने पुलिस को फोन करके शिकायत की। अदालत ने रिकाॅर्ड पर लिया कि व्यक्ति ने अपने बयान में स्वीकारा था कि उसने वे शब्द कहे थे।
हालांकि, उसने दावा किया कि वे शब्द किसी बुरे इरादे से नहीं कहे गए थे। अदालत ने इस बयान को ठुकराते हुए कहा कि उस टिप्पणी के पीछे के इरादे का अंदाजा उसकी प्रकृति से लगाया जा सकता है।
