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दिल्ली के मजलिस पार्क में चार मंजिला इमारत में लगी आग, 8 माह की बच्ची समेत चार लोगों को बचाया गया

Published: Sun, 12 Jul 2026 08:21 PM (IST)

मजलिस पार्क में एक चार मंजिला इमारत में आग लगने से हड़कंप मच गया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर ...और पढ़ें

मजलिस पार्क की गली नंबर-10 में शनिवार रात एक चार मंजिला इमारत में आग लग गई। (AI Generated Image)

मजलिस पार्क की गली नंबर-10 में शनिवार रात एक चार मंजिला इमारत में आग लग गई। (AI Generated Image)

HighLights

  1. मजलिस पार्क की चार मंजिला इमारत में लगी आग।

  2. पुलिस-स्थानीय लोगों ने 8 माह की बच्ची समेत चार बचाए।

  3. शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई आग, सिलेंडर धमाकों से फैली।

जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। आदर्श नगर थाना अंतर्गत मजलिस पार्क की गली नंबर-10 में शनिवार रात एक चार मंजिला इमारत में आग लग गई। तीसरी मंजिल से शुरू हुई आग तेजी से चौथी मंजिल तक फैल गई। इस मकान में रहने वाले लोग घबरा गए लेकिन मामले की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर एक बच्ची समेत बुजुर्ग और चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

इस हादसे में डीआरडीओ विज्ञानी अरिसुदन तिवारी का फ्लैट पूरी तरह जलकर खाक हो गया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना दिलेरी दिखाई और एक बड़ा हादसा टाल दिया। इस हादसे को लेकर मौके पर काफी भीड़ जुट गई थी और काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही।

पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव के अनुसार शनिवार रात करीब 9:18 बजे मजलिस पार्क स्थित सी-504, गली नंबर-10 में आग लगने की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को मिली। इस तरह की सूचना मिलते ही एएसआई राजेश कुमार, हवलदार हरदीप और सिपाही प्रदीप फौरन घटनास्थल पर पहुंचे।

पानी की पाइप लेकर आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू

उस समय आग चार मंजिला इमारत के तीसरी मंजिल से ऊपर की ओर तेजी से फैल रही थी और पूरी इमारत धुएं से भर चुकी थी। स्थानीय लोगों में शामिल जितेंद्र अग्रवाल ,दीपक और अन्य ने पुलिस टीम को बताया कि मकान के अंदर लोग फंसे हुए हैं। इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हिम्मत का परिचय दिया और इमारत के समीप पड़ोसी राजेश कुमार के घर से पानी की पाइप लेकर आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू कर दी।

इसी दौरान सिपाही प्रदीप व एएसआई राजेश मकान के अंदर दाखिल हो गए। धुएं और लपटों के बीच पुलिस टीम तीसरी मंजिल तक पहुंची, जहां सतीश, उनकी पत्नी मोना और उनकी आठ माह की मासूम बच्ची फंसे हुए थे। उन तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

बचाव कार्य के दौरान ही जानकारी मिली कि दूसरी मंजिल पर 64 वर्षीय किशनलाल भी फंसे हैं, जो सतीश के पिता हैं और दमा के मरीज हैं। उनको भी पुलिसकर्मी बाद में सुरक्षित बाहर लेकर आए। इस बीच मौके पर काफी लोगों की भीड़ जमा हो गई। जिन्होंने पुलिस के साथ मिलकर बचाव कार्य में हिस्सा लिया।

पुलिस देरी से पहुंचती तो स्थिति भयावह हो जाता

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस कुछ मिनट और देर से पहुंचती तो हालात कहीं ज्यादा गंभीर हो सकते थे। इसी बीच सूचना दमकल विभाग को भी मिल चुकी थी और कुछ ही देर में दमकल विभाग की पांच गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं। लेकिन आग बुझाने के लिए मौके तक पहुंचने के लिए संकीर्ण गलियों के कारण दमकल की गाड़ियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

इसके बावजूद दमकल कर्मियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। आग बुझाने के दौरान दमकल विभाग के फायरमैन महेंद्र के हाथ में चोट आई। उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया।

एसी में लगी थी आग, धमाका भी हुआ

पुलिस को शुरूआती जांच में पता चला कि करीब 111 गज में बने चार मंजिला मकान के ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग थी। शुरुआती जांच के अनुसार आग की शुरुआत तीसरी मंजिल पर लगे एसी के आउटडोर यूनिट से हुई। घटना के दौरान तीन धमाके भी हुए। पहला विस्फोट एसी के आउटडोर यूनिट में हुआ, जबकि बाद में घर में रखे दो एलपीजी सिलेंडर भी धमाके के साथ फट गए।

इन धमाकों से आग और अधिक भड़क गई और पूरे इलाके में दहशत फैल गई। आग की लपटें चौथी मंजिल तक पहुंच गईं, जहां डीआरडीओ वैज्ञानी अरिसुदन तिवारी का फ्लैट पूरी तरह जलकर खाक हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय उनका परिवार बिहार गया हुआ था, इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई। तीसरे तल को भी काफी नुकसान पहुंचा। पुलिस ने शार्ट सर्किट की आशंका जताई और किसी साजिश की आशंका से इंकार किया।

पुलिस की तत्परता काम आई

इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई, दमकल विभाग के समन्वित प्रयास और स्थानीय लोगों के सहयोग की बदौलत समय रहते सभी फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। यदि राहत कार्य में कुछ मिनट की भी देरी होती तो यह हादसा कहीं अधिक भयावह हो सकता था। इस दौरान मौके पर एसीपी योगेन्द्र खोखर और थाना प्रभारी राजेश कुमार मौके पर मौजूद रहे।

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