महमूद मदनी का बड़ा बयान- 'न्याय नहीं मिला तो यूएन का दरवाजा खटखटाएंगे', दिल्ली में मस्जिद गिराने की भी होगी जांच
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव महमूद मदनी ने आरोप लगाया कि देश में एक खास तबके को लगातार निशाना बनाया जा ...और पढ़ें

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव महमूद मदनी ने पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया है कि मुल्क में लगातार एक खास तबके को निशाना बनाया जा रहा है। जागरण
HighLights
महमूद मदनी ने खास तबके को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
दिल्ली में मस्जिद गिराने की जांच, यूएन जाने की चेतावनी दी।
हुकूमत, प्रशासन और न्यायिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव महमूद मदनी ने आरोप लगाया है कि मुल्क में लगातार एक खास तबके को निशाना बनाया जा रहा है। इसमें मॉब लिंचिंग, बुलडोजर और इबादत के स्थानों को निशाना बनाना शामिल है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कुछ लोग गलत भी हों, लेकिन सिस्टम में मौजूद न्याय को न देना एनार्की की तरफ जाने की निशानी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जिस मस्जिद को गिराया गया है, उसकी जांच की जाएगी। साथ चेतावनी देते हुए बोले कि न्याय न मिला तो यूएन का भी दरवाजा खटखटाएंगे।
हुकूमत, प्रशासन और न्यायिक व्यवस्था पर सवाल
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मदनी ने कहा कि देश में यह समझने के लिए कि क्या हो रहा है और क्या करना है, जमीयत की आपात राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है।
उन्होंने कहा कि हुकूमत और प्रशासन की मिलीभगत से तथा देश की न्यायिक व्यवस्था की विफलता ने इस किनारे लाकर खड़ा किया है। अगर समाज असहाय हो जाए तो यह ठीक नहीं है।
इसमें बदलाव का तो नहीं, लेकिन लड़ने के जो अख्तियार हैं, वे सारे इस्तेमाल किए जाएंगे। संविधान को बचाने, सिस्टम को बचाने और डिसेंट व डेमोक्रेसी को बचाने के लिए जो किया जा सकता है, वह किया जाएगा।
मस्जिदों पर कार्रवाई और संविधान से बेदखली का आरोप
उन्होंने कहा कि दिल्ली में एक मस्जिद गिराई गई है, जहां संगठन का प्रतिनिधिमंडल जाएगा। संविधान ने सबको बराबर रखा है और अधिकार दिए हैं, लेकिन केंद्र, राज्यों तथा प्रशासन की मिलीभगत से उन्हें इंसाफ से महरूम और साइडलाइन किया जा रहा है। मस्जिदों को तोड़कर खुशियां मनाई जा रही हैं।
यूसीसी और अंतरराष्ट्रीय फोरम पर बोले
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर उन्होंने कहा कि बहुआयामी चीजें हो रही हैं, उसी तरह हम भी करेंगे। अभी जहां बैठे हैं, वहां से यूएन में भी जा सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय फोरम में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आज दुनिया एक ग्लोबल विलेज है। भारत ने बहुत कुछ पाया है और उसके काफी दोस्त बने हैं। उन दोस्तों को साथ लेकर इंडिया भटके नहीं, उस पर काम करेंगे तथा मिलकर कसम लेंगे कि इंडिया डिरेल न हो।
वतन से मोहब्बत और संवैधानिक व्यवस्थाएं
महमूद मदनी ने कहा कि हम एक खुदा को मानने वाले हैं। वतन से मोहब्बत का सवाल है, जिसे साबित करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान और संवैधानिक व्यवस्थाओं को चुनाव से जोड़ना जरूरी नहीं है।
