जागरण संवाददाता, नई दिल्ली :

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) देशद्रोह प्रकरण में वसंत कुंज उत्तरी थाना पुलिस ने पूर्वी दिल्ली के भाजपा सांसद महेश गिरी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया था। 9 फरवरी 2016 की रात छात्रों ने जेएनयू में संसद हमले के दोषी अफजल गुरू की याद में गैर कानूनी तरीके से सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया था। उक्त मामले को लेकर जब जेएनयू की तरफ से पुलिस को शिकायत नहीं की गई तब महेश गिरी ने पुलिस से शिकायत की थी। कन्हैया कुमार व अन्य वामपंथी छात्र नेताओं के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने कई घंटे तक जमकर देश विरोधी नारे लगाए थे।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा विरोध जताने पर साबरमती ढाबे पर हंगामा हो गया था। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस व जेएनयू के सुरक्षाकर्मियों ने दोनों पक्षों को शांत करवा दिया था, लेकिन यह मामला रात भर सुलगता रहा। देश विरोधी नारे लगने की बात जब अगले दिन 10 फरवरी को जेएनयू से बाहर निकली तब मामला उग्र रूप धारण कर लिया था। कार्रवाई को लेकर दक्षिणी जिला पुलिस कशमकश में थी। ऐसे में दो दिन बाद 11 फरवरी की शाम भाजपा सांसद महेश गिरी ने जब तत्कालीन डीसीपी प्रेमनाथ व वसंतकुंज उत्तरी थाने में शिकायत दी तब तत्कालीन पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी व तत्कालीन विशेष आयुक्त कानून एवं व्यवस्था दीपक मिश्रा के निर्देश पर पुलिस ने देशद्रोह की धारा के तहत मामला दर्ज कर लिया था। शिकायत में सासंद ने उक्त घटना को देश विरोधी व संविधान विरोधी बताया था। उन्होंने कहा था कि डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन (डीएसयू) और उसका सहयोग कर रहे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआइएसए), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआइएसएफ) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआइ) से भारत के आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंच सकता है।

मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने उसी दिन कन्हैया कुमार को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में उमर खालिद व अनिर्बान भट्टाचार्य समेत कई अन्य को भी गिरफ्तार करने पर मामला जब तुल पकड़ा और वीडियो को डॉक्टर्ड बता दिया गया तब जाकर पुलिस को जांच रोकनी पड़ी थी और वीडियो को जांच के लिए भेज दिया गया था।

Posted By: Jagran