जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली : कोरोना संकट के बीच सरकार ने कुछ शर्तों के साथ दुर्गा पूजा की मंजूरी दी है। ऐसे में इस बार बड़े स्तर पर आयोजन नहीं किया जा रहा है। पोसंगीपुर में पिछले 44 वर्षों से हो रहे दुर्गा पूजा का आयोजन इस बार भी हो रहा है। सरकारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए इस बार न तो सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है और न ही प्रीति भोज का आयोजन होगा। पदाधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि कोरोना को देखते हुए इस बार सिर्फ मां दुर्गा की पूजा हो रही है। मां दुर्गा का आशीर्वाद रहा तो अगले वर्ष फिर से धूमधाम से पूजा की जाएगी। यहां पर बिहार लोक मंच की ओर से हर वर्ष दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाता है।

मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि पूजा स्थल के पास ही सैनिटाइजर रखा गया है। जो भी श्रद्धालु आते हैं उनका सबसे पहले हाथ सैनिटाइज किया जाता है। हाथ सैनिटाइज करने के बाद दूर से माता के दर्शन करने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा शारीरिक दूरी का पालन भी किया जा रहा है। मंदिर में सिर्फ दस लोगों के रहने की अनुमति मिली है। ऐसे में श्रद्धालुओं को मंदिर में जाने की अनुमति नहीं है। इसके अलावा मंदिर प्रांगण में मंच की ओर से 50 कुर्सी की व्यवस्था की गई है, जिसे दूर-दूर रखा गया है, जिससे कि शारीरिक दूरी का पालन हो। इसके अलावा मंदिर प्रांगण में पोस्टर भी चस्पा कर दिया गया है, जिस पर स्वास्थ्य विभाग के निर्देश अंकित हैं। पोस्टर पर लिखा है, कृपया मास्क पहने रहें, शारीरिक दूरी बनाए रखें, हाथ सैनिटाइज करें। इस बार कोरोना संकट को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के निर्देश का पालन किया जा रहा है। हर वर्ष मां दुर्गा की प्रतिमा सात फुट की होती थी लेकिन इस बार प्रतिमा पांच फुट की है। साथ ही मंच के पदाधिकारी यह बात सुनिश्चित करते हैं कि स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन हो। मंदिर प्रांगण में आनेवाले हर श्रद्धालु को पोस्टर के माध्यम से कोरोना को लेकर जागरूक किया जा रहा है।

एमएन झा, उपाध्यक्ष, बिहार लोक मंच

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