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AI समिट से चमकी लुटियंस दिल्ली, अतिक्रमण मुक्त हुए कनॉट प्लेस के बाजार; क्या स्थाई रहेगी ये चमक?

Published: Tue, 17 Feb 2026 10:45 PM (IST)Updated: Tue, 17 Feb 2026 10:49 PM (IST)

AI समिट के कारण लुटियंस दिल्ली के बाज़ार अतिक्रमण-मुक्त हो गए हैं, जिससे दुकानदार और पर्यटक खुश हैं। कनॉट प्लेस, ...और पढ़ें

एआई समिट के चलते लुटियंस दिल्ली के बाजारों, जैसे कनॉट प्लेस और जनपथ, से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाया गया है। फाइल फोटो

एआई समिट के चलते लुटियंस दिल्ली के बाजारों, जैसे कनॉट प्लेस और जनपथ, से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाया गया है। फाइल फोटो

HighLights

  1. AI समिट के कारण लुटियंस दिल्ली अतिक्रमण-मुक्त हुई।

  2. कनॉट प्लेस, पालिका बाज़ार से 1200+ अतिक्रमण हटे।

  3. व्यापारियों को अतिक्रमण वापसी का डर, हाईकोर्ट में मामला।

नेमिश हेमंत, नई दिल्ली। लुटियंस दिल्ली के बाज़ारों को अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए दिल्ली बड़े इवेंट्स का इंतज़ार क्यों करती है? यह सवाल पूछते हुए दुकानदार कहते हैं कि कनॉट प्लेस (CP) की गलियों में घूमना एक अच्छा अनुभव है, जहां कोई अतिक्रमण नहीं है। गलियां, फुटपाथ और सड़कें सभी अतिक्रमण-मुक्त और साफ़ हैं। यहां तक कि पालिका बाजार, बाबा खड़ग सिंह मार्ग, जनपथ मार्ग, बाराखंभा और संसद मार्ग, साथ ही सभी कनेक्टिंग सड़कें भी अतिक्रमण-मुक्त और साफ़ हो गई हैं।

दुकानदार, खरीदार और टूरिस्ट सभी NDMC की कोशिशों की तारीफ

ऐसा ही अनुभव 2023 में G-20 समिट के दौरान हुआ था, जब लुटियंस दिल्ली की सभी सड़कों को अतिक्रमण से मुक्त कर दिया गया था, साथ ही इमारतों की खास सजावट भी की गई थी। कनॉट प्लेस के व्यापारियों के संगठन, नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) के जनरल सेक्रेटरी विक्रम बधवार को डर है कि AI समिट खत्म होने के बाद, 21 फरवरी से CP में एक बार फिर अफरा-तफरी मच जाएगी।

यह कुछ-कुछ मछली बाजार जैसा हो जाएगा। पहले भी ऐसे ही हालात देखे गए हैं, तब भी जब सुप्रीम कोर्ट ने CP को स्ट्रीट वेंडर-फ्री मार्केट बनाए रखने का आदेश दिया था।

भारत मंडपम में हो रहे AI समिट को देखते हुए NDMC ने कमर कस ली है। लुटियंस दिल्ली को न सिर्फ फूलों और लाइटों से रोशन और खुशबूदार किया गया है, बल्कि सभी तरह के स्ट्रीट वेंडर भी हटा दिए गए हैं।

व्यापारी संगठनों का अनुमान है कि CP और उसके आस-पास के इलाकों से 1,200 से ज़्यादा अतिक्रमण हटाए गए हैं, जिसमें CP में ही 500 और जनपथ लेन और पालिका बाजार के ऊपर 400 से ज्यादा अतिक्रमण शामिल हैं। NDMC के कर्मचारी भी लगातार बाजारों में पेट्रोलिंग कर रहे हैं ताकि कोई अतिक्रमण न हो।

हैरान लोग वीडियो बना रहे हैं, ऐसा पहले कभी नहीं देखा

खास बात यह है कि पालिका लेन में, जहां पहले अतिक्रमण और भीड़भाड़ की वजह से पैदल चलने वालों के लिए भी जगह नहीं होती थी, अब हैरान लोग आराम से टू-व्हीलर चला रहे हैं, क्योंकि सालों बाद मार्केट की सड़क दिखाई दे रही है।

जनपथ लेन पटरी बाजार एसोसिएशन से जुड़े देवेंद्र सिंह हैप्पी बताते हैं कि मार्केट में 100 फुटपाथ हैं। NDMC ने उन्हें शनिवार तक बंद करने का आदेश दिया है। उसके बाद मार्केट फिर से खुलेगा या नहीं, यह अभी पक्का नहीं है।

कपड़े खरीदने आई भार्गवी ने कहा कि उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा क्योंकि उनका पसंदीदा मार्केट बंद था। उनका कहना है कि उन्होंने ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं देखी। मंगलवार को खाली जनपथ लेन और उस पर चलती गाड़ियों के वीडियो खूब शेयर किए गए।

हाईकोर्ट में दुकानदार पहले और अभी के हालात बताएंगे

कनॉट प्लेस में अतिक्रमण से जुड़ा मामला हाई कोर्ट में पेंडिंग है। विक्रम बधवार का कहना है कि आम दिनों में CP पर 500 से ज़्यादा रेहड़ी-पटरी वाले होते हैं, जिससे आने-जाने वालों को बहुत परेशानी होती है और कूड़े के ढेर लग जाते हैं। AI समिट की वजह से हालात बिल्कुल उलट हैं। अगली कोर्ट हियरिंग में यह मुद्दा ज़रूर उठाया जाएगा। दोनों हालात की तस्वीरें कोर्ट के साथ शेयर की जाएंगी।

अगले हफ्ते दिल्ली सरकार के साथ मीटिंग

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अगले हफ़्ते CP में अतिक्रमण के मुद्दे पर दिल्ली सरकार के सेक्रेटरी लेवल पर लोकल व्यापारियों, NDMC अधिकारियों और रेहड़ी-पटरी वालों के साथ एक मीटिंग होनी है। व्यापारियों ने भी इस मुद्दे को वहां उठाने की तैयारी कर ली है।

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