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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की बड़ी पहल, राष्ट्रीय विधायी सूचकांक के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन

Published: Sat, 18 Jul 2026 07:29 PM (IST)

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद और राज्य विधानसभाओं के कामकाज को प्रभावी बनाने के लिए राष्ट्रीय विधायी सूचकांक तैयार करने हेतु एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।

लोकसभा अध्यक्ष ने राष्ट्रीय विधायी सूचकांक समिति बनाई।

लोकसभा अध्यक्ष ने राष्ट्रीय विधायी सूचकांक समिति बनाई।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। संसद और राज्य विधानसभाओं के कामकाज को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राष्ट्रीय विधायी सूचकांक तैयार करने के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। 

राष्ट्रीय विधायी सूचकांक तैयार होने के बाद विभिन्न विधानसभाओं के प्रदर्शन का मूल्यांकन तय किया जा सकेगा। सूचकांक तैयार करने के लिए बनाई गई समिति के अध्यक्ष राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश बनाए गए हैं, वहीं दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता सहित 10 राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष इसके सदस्य बनाए गए हैं।

इस संबंध में लोकसभा सचिवालय के सम्मेलन एवं प्रोटोकाल शाखा की ओर से गत 16 जुलाई को सभी संबंधित विधानसभाओं को पत्र जारी किया गया है। पत्र के अनुसार, यह निर्णय गत जनवरी में लखनऊ में आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (एआइपीओसी) में पारित संकल्प के अनुपालन में लिया गया है।

सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ने की थी। इस सम्मेलन में दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष गुप्ता ने राष्ट्रीय विधायी सूचकांक बनाने का मुद्दा जोरशोर से उठाया था। इससे पहले बंगलुरु में हुए सम्मेलन में भी वह यह मुद्दा उठा चुके थे। जानकारों की मानें तो लखनऊ सम्मेलन में उठे इस मुद्दे के बाद इस सूचकांक को लेकर गंभीरता से चर्चा शुरू हुई थी।

अब सूचकांक तैयार करने के लिए जिस समिति गठित करने का निर्णय लिया है। इस समिति का उद्देश्य ऐसा मानक विकसित करना है, जिसके माध्यम से संसद और विभिन्न राज्य विधानसभाओं के विधायी कार्यों, पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित से जुड़े मामलों का तुलनात्मक आंकलन किया जा सके। इससे विधायी संस्थाओं के बीच बेहतर कार्य संस्कृति और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इससे विधायी कार्यों की गुणवत्ता, सदन की कार्यवाही, समितियों की सक्रियता, कानून बनाने की प्रक्रिया और जनहित से जुड़े विषयों पर संस्थागत सुधार को नई दिशा मिलने की संभावना है। यह पहल देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

समिति में सदस्य के रूप में उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना, नागालैंड विधानसभा के अध्यक्ष शयरिंगन लोंगकुमेर, ओडिशा विधानसभा की अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार, मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, तेलंगाना विधानसभा के अध्यक्ष गड्डम प्रसाद कुमार तथा तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर भी शामिल हैं।

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