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लाहौरी गेट हवेली में बनेगा शाहजहांनाबाद संग्रहालय, पुरानी दिल्ली की विरासत होगी प्रदर्शित

Published: Sun, 11 Oct 2026 08:46 AM (IST)

पुरानी दिल्ली के इतिहास और संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए लाहौरी गेट स्थित हवेली में शाहजहांनाबाद संग्रहालय बनाने का ...और पढ़ें

लाहोरी गेट में हवेल में संग्रहालय बनने का रास्ता साफ ( एआई जेनरेटेड इमेज )

लाहोरी गेट में हवेल में संग्रहालय बनने का रास्ता साफ ( एआई जेनरेटेड इमेज )

HighLights

  1. लाहौरी गेट हवेली में शाहजहांनाबाद संग्रहालय को मंजूरी मिली।

  2. पुरानी दिल्ली के इतिहास, संस्कृति, खानपान को दर्शाएगा।

  3. एमसीडी और आइजीएनसीए मिलकर करेंगे संग्रहालय विकसित।

निहाल सिंह, नई दिल्ली। पुरानी दिल्ली का इतिहास और उसकी संस्कृति को दिखाने के लिए लाहौरी गेट स्थित हवेली में शाहजहांनाबाद संग्रहालय बनने का रास्ता साफ हो गया है।

महापौर प्रवेश वाही ने इसको विकसित करने के लिए अंग्रिम मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब जल्द ही आइजीएनसीए और एमसीडी के बीच औपचारिक समझौता होगा। इसके बाद वहां पर संग्रहालय विकसित करने का कार्य शुरू होगा।

लोगों को पुरानी दिल्ली के बारे में बताया जाएगा

परियोजना के तहत संग्रहालय को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आइजीएनसी) के सहयोग से विकसित किया जाएगा। यहां आने वाले लोगों को पुरानी दिल्ली के इतिहास, स्थापत्य कला, खानपान और जीवनशैली से प्रदर्शित किया जाएगा।

इस हवेली की बात करें तो वर्ष 1929 में बनी इस हवेली का इस्तेमाल पहले निजी आवास के रूप में होता था। बाद में यहां एमसीडी की डिस्पेंसरी चलने लगी।

इसे संग्रहालय के रूप में विकसित करने की तैयारी जारी

इसके बाद इसे स्टोर रूम के तौर पर उपयोग किया जाने लगा। हवेली की छत, झरोखों और बालकनियों को नुकसान पहुंचा था। राज्यसभा सदस्य रहते हुए विजय गोयल ने इसका अपने फंड से जीर्णोद्धार कराया। अब इसे संग्रहालय के रूप में विकसित करने की तैयारी है।

प्रस्तावित परियोजना के अनुसार एमसीडी हवेली में जगह उपलब्ध कराएगी, जबकि आइजीएनसीए संग्रहालय की गैलरी की रूपरेखा तैयार करने और प्रदर्शित की जाने वाली ऐतिहासिक वस्तुओं का चयन करेगा। इसमें प्रवेश शुल्क आधारित होगा।

एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संग्रहालय में लाल किला, जामा मस्जिद, टाउन हाल, पारंपरिक हवेलियों और विभिन्न धर्मों के मंदिरों को दर्शाया जाएगा। चांदनी चौक के बाजार, खानपान और जीवनशैली पर भी विशेष जानकारी उपलब्ध होगी।

यहां ऐतिहासिक वस्तुओं, हस्तशिल्प, विवरण पट्टों, डिजिटल डाटाबेस को आडियो और वीडियो के माध्यम से इसे प्रस्तुत भी किया जाएगा।

इसमें कई गैलरी मुगलकाल, शाहजहानाबाद की भाषा, खानपान और रीति-रिवाजों को प्रदर्शित करने वाली भी होगी। जबकि पहले तल पर यहां पर स्मृति चिह्नित बिक्री के साथ पुरानी दिल्ली के खानपास के स्वाद को देने के लिए कैफेटेरिया भी बनाया जाना है।