नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। प्रयागराज हिंसा के मुख्य आरोपित जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप की बड़ी बेटी आफरीन फातिमा जेएनयू की पूर्व छात्रा रही है। उसका विवादों से गहरा नाता रहा है। पढ़ाई करने के दौरान गत कुछ वर्षो में वह जेएनयू और इससे बाहर होने वाले हर देश विरोधी गतिविधियों में हिस्सा लेती रही है।

शरजील इमाम की है करीबी

आफरीन को शाहीनबाग साजिश के मास्टरमाइंड शरजील इमाम की करीबी बताया जा रहा है। उसने जेएनयू के भाषा विज्ञान केंद्र से स्नातकोत्तर (एमए) किया और 2021 में यूनिवर्सिटी छोड़कर चली गई। जानकारी के मुताबिक, आफरीन ने प्रयागराज के सेंट मेरीज कान्वेंट स्कूल से हाईस्कूल और इंटर पास किया। स्नातक (बीए) के लिए उसने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में दाखिला लिया था। एएमयू से उसने लिंग्विस्टिक्स में बीए आनर्स और एमए किया।

छात्र राजनीति में रही सक्रिय

एएमयू में महिला कालेज की अध्यक्ष रहते हुए वह वहां की छात्र राजनीति में सक्रिय रही है। एएमयू के बाद उसने जेएनयू में दाखिला लिया था। 2019 में दिल्ली में सीएए व एनआरसी के खिलाफ चले आंदोलन में उसने काफी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था। पुलिस का कहना है कि शाहीनबाग साजिश के मास्टरमाइंड शरजील इमाम की वह करीबी है। अफजल गुरु को भी उसने निर्दोष बताया था, जिसे 2001 में संसद हमले का दोषी ठहराते हुए फांसी दी जा चुकी है।

कर चुकी है भीड़ को भड़काने की कोशिश

25 जनवरी, 2020 को ट्विटर पर पोस्ट किए गए 45 सेकंड के एक वीडियो में फातिमा ने भीड़ को भड़काने की कोशिश की थी। सीएए और एनआरसी का विरोध करते हुए कहा था कि उसने महसूस किया है कि न तो सरकार और न ही सुप्रीम कोर्ट मुस्लिमों के भरोसा के लायक है।

विरोध प्रदर्शनों में लिया हिस्सा

फातिमा हिजाब मामले को लेकर भी काफी मुखर रही। जेएनयू में रहने के दौरान उसने इस मामले को लेकर दक्षिण भारत के कई शहरों का दौरा किया था। इस दौरान उसने विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था। बताया जा रहा है कि इसी साल 22 जनवरी को प्रयागराज में मुस्लिम महिलाओं के धरने में भी वह शामिल हुई थी। मंसूर पार्क में आयोजित धरने में फातिमा ने सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाए थे। अफजल गुरु को फांसी पर लटकाए जाने को लेकर विवादित बयान भी दिया था।

Edited By: Prateek Kumar