जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली: लॉकडाउन के दौरान एक व्यक्ति ने चोरी की ऑनलाइन एफआइआर दर्ज कराई। जब जांच अधिकारी उसके घर बयान लेने पहुंचे तो उसने बताया कि उसके पार्टनर ने ही उसके जिम में चोरी की है। इसके बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार करने की तैयारी शुरू कर दी। परेशान होकर आरोपित ने अधिवक्ता मनीष भदौरिया के माध्यम से कड़कड़डूमा स्थित जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। इसके बाद भदौरिया ने अदालत को बताया कि आरोपित मुदित सिंह व राजन मान दोनों संयुक्त रूप से जिम का संचालन कर रहे थे। इसलिए आरोपित भी जिम का मालिक है। अत: उस पर उस पर चोरी का आरोप बनता ही नहीं है। यह विवाद पैसों के लेनदेन का है। दरअसल, लॉकडाउन के दौरान दोनों पार्टनर ने जिम बंद करने का फैसला किया था। आरोपित मुदित के मुताबिक शिकायतकर्ता राजन पर उसके पांच लाख रुपये निकल रहे थे। इसलिए उसने झूठी एफआइआर दर्ज कराकर उस पर दबाव बनाने की कोशिश की है, ताकि उसको पैसे न देने पड़ें। अधिवक्ता भदौरिया ने अदालत में दलील देते हुए ये सारे तथ्य रखे। अदालत ने भदौरिया की दलीलों को मानते हुए आरोपित की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर की और उसे 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर छोड़ने का आदेश दिया।

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