जासं, नई दिल्ली : खिड़की मस्जिद में नमाज अदा करने की इजाजत की मांग करते हुए दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि मस्जिद में नमाज हो या न हो, इसका फैसला केंद्र सरकार करे। याचिका में माग की गई थी कि साकेत के पास बनी खिड़की मस्जिद में नमाज पढ़ने की इजाजत दी जाए। हाई कोर्ट ने कहा कि यह फैसला लेने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है और वह ही तय करे कि नमाज की अनुमति दी जा सकती है या नहीं।

दायर याचिका में माग की थी कि ऐतिहासिक खिड़की मस्जिद में नमाज को लेकर लगी रोक हटाई जाए। इसका कारण साकेत कोर्ट कांप्लेक्स के पास नमाज अदा करने के लिए और कोई जगह नहीं है। इस पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल व न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने कहा कि अगर हम इस पर सुनवाई करते हैं तो कोर्ट कांप्लेक्स के पास अन्य धार्मिक स्थल को लेकर भी याचिकाएं आनी शुरू हो जाएंगी। याचिकाकर्ता का दावा है कि नमाज अदा करने के लिए ही यहां मस्जिद बनाई गई थी।

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