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न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को सुनवाई से अलग करने की मांग को लेकर केजरीवाल ने दिल्ली HC में दाखिल की अर्जी

Published: Sun, 05 Apr 2026 11:06 PM (IST)

केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को आबकारी घोटाला मामले की सुनवाई से अलग करने की ...और पढ़ें

अरविंद केजरीवाल ने न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को अलग करने का अनुरोध किया।

अरविंद केजरीवाल ने न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को अलग करने का अनुरोध किया।

HighLights

  1. केजरीवाल ने न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की सुनवाई से अलग होने की अर्जी दी।

  2. यह अर्जी आबकारी घोटाला मामले में सीबीआई-ईडी की याचिका पर है।

  3. ट्रायल कोर्ट ने सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया था।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आबकारी घोटाला मामले में ट्रायल कोर्ट के निर्णय के खिलाफ सीबीआई-ईडी द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई से न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को अलग करने का अनुरोध करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक नई अर्जी दाखिल की है।

सीबीआई की अपील याचिका सोमवार को न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध है और केजरीवाल की अर्जी पर सोमवार को सुनवाई संभव है। केजरीवाल सोमवार को अपना पक्ष रखने के लिए न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष व्यक्तिगत तौर पर पेश हो सकते हैं।

केजरीवाल की मांग पहले ही कोर्ट ने ठुकरा दी थी

इससे पहले मामले को न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के बजाय किसी अन्य पीठ को स्थानांतरित करने केजरीवाल की मांग को हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने ठुकरा दिया था। इसके खिलाफ केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में अपील याचिका दायर की है।

केजरीवाल और अन्य ने अर्जी में न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ के सामने मामले की सुनवाई न करने का अनुरोध किया गया है। कानून की भाषा में इसे 'रिक्यूजल' कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि न्यायाधीश किसी विशेष कारण या संभावित पक्षपात की आशंका को देखते हुए खुद को मामले से अलग कर लें।

अर्जी दाखिल करने वाले अधिवक्ता विवेक जैन ने बताया कि आबकारी मामले में न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ केजरीवाल की कुछ अहम याचिकाओं पर सुनवाई की थी। ट्रायल कोर्ट ने 27 फरवरी को केजरीवाल-मनीष सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपितों को आबकारी घोटाला मामले में बरी कर दिया था। उक्त निर्णय को सीबीआई ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

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