जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली : सत्संग से सबकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, क्योंकि इसमें देवता विराजमान रहते हैं। जिसकी जैसी भावना होती है, उसी रूप में उसे राम नजर आते हैं। बुरे लोगों को राम में काल दिखता है तो अच्छे लोगों को राम में अपने इष्ट नजर आते हैं। जब इस धरती पर पाप बढ़ जाता है, तब परमात्मा किसी न किसी रूप में प्रकट होते हैं और पापों का नाश करते हैं। परमात्मा एक हैं और सत्संग से तीर्थ का फल मिलता है। कथावाचक विजय कौशल महाराज ने इस तरह के प्रवचन दिए।

सेवा भारती द्वारा आइपी एक्टेंशन में आयोजित रामकथा के तीसरे दिन उन्होंने भगवान राम और माता सीता के विवाह का वर्णन किया। कथा सुनने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ था। श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। राम कथा के मुख्य संयोजक संजय गुप्ता ने कहा कि भक्ति में शक्ति होती है। भगवान राम ने जो सीख लोगों को दी थी, उस पर हर किसी व्यक्ति को चलना चाहिए। इस मौके पर मनोज गुलाटी, वीरेंद्र गुप्ता, चेतन गोयल प्रांत अध्यक्ष तरुण गुप्ता, राजीव गुगलानी, रमन अग्रवाल, मनु गर्ग, अतुल गर्ग, हितेंद्र नागपाल, सुधीर अग्रवाल, राजश्री आहूजा, राजेश नागपाल, अनिल मल्होत्रा, धर्मेन्द्र गुप्ता मौजूद रहे।

By Jagran