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दिल्ली बस हादसे ने छीन ली दो परिवारों की खुशियां, शादी की तैयारी मातम में बदली; तीन माह की गर्भवती का उजड़ा सुहाग

Published: Wed, 25 Mar 2026 07:48 PM (GMT+05:30)

करोल बाग बस हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। महेश की अगले महीने शादी थी, जबकि शहबाज आलम की तीन माह की गर्भवती पत्नी का सुहाग उजड़ गया।

आरएमएल अस्पताल के शवगृह के बाहर बिलखते मृतकों के स्वजन। जागरण

आरएमएल अस्पताल के शवगृह के बाहर बिलखते मृतकों के स्वजन। जागरण

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मोहम्मद साकिब, नई दिल्ली। करोल बाग बस हादसे ने दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। एक ओर जहां महेश की अगले माह 20 अप्रैल को शादी तय हुई थी वहीं, शहबाज आलम की तीन माह की गर्भवती पत्नी का सुहाग उजड़ गया। मूलरूप से बरेली के कनूनगला गांव का महेश कुमार हरियाणा के बिलासपुर में किराए के घर में अपने बड़े भाई मुकेश कुमार के साथ रहता था।

दोनों ब्लूडार्ट कंपनी में डिलीवरी ब्वाय की नौकरी करते थे। चूंकि अगले महीने महेश की शादी तय हुई थी तो दोनों छुट्टी लेकर घर जाने के लिए निकले थे और हादसे का शिकार हो गए। हालांकि इस हादसे में मुकेश की तो जान बच गई, लेकिन उसके शरीर पर महेश के खून के धब्बे और वो भयानक मंजर यादकर उसकी आंखों से आंसू रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे।

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करोल बाग में हनुमान मंदिर गोल चक्कर पर दुर्घटना में क्षतिग्रस्त प्राइवेट बस।   जागरण

गमगीन हालत में उसने बताया कि महेश उनके साथ खिड़की वाली साइड पर बैठा था। दोनों नींद में थे और जैसे ही बस अनियंत्रित होकर पलटी महेश खिड़की में फंस और उसका आधा शरीर खिड़की में ही फंसा रहा गया।

अफरा-तफरी के बीच उसने अपने भाई को खींचने की कोशिश की, लेकिन उसके प्रयास विफल रहे। उसने बताया कि महेश मदद के लिए चिल्लाता रहा लेकिन जब तक उसे निकॉला गया तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

जिस घर में बजनी थी शहनाई वहां पसरा मातम

जिस घर में महेश की शादी की शहनाई बजनी थी वहां आज मातम पसरा हुआ है। महेश की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार यही कह रही हैं कि मेरा बेटा सुबह घर आने वाला था, परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था, लेकिन एक पल में सब कुछ खत्म हो गया।

एक घंटे पहले गर्भवती पत्नी से कॉल कर बोला था- जल्दी आ रहा हूं और घर पहुंचा शव

वहीं, शहबाज आलम बिजनौर के रहने वाले थे और कपड़े का कारोबार करते थे। वह अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले थे। करीब एक साल पहले ही उनकी शादी हुई थी और उनकी पत्नी तीन माह की गर्भवती है। उनके परिवार में बुजुर्ग पिता, एक छोटा भाई और एक बहन हैं। शहबाज अपने चचेरे भाई के साथ जयपुर में ईद मनाने गए थे और वापस घर लौट रहे थे।

शहबाज की मौत की खबर सुन गर्भवती पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि हादसे से करीब एक घंटे पहले ही उनकी शहबाज से बात हुई थी, जिसमें उन्होंने बोला था कि जल्द ही घर आ रहा हूं। उसके बाद उनकी मौत की सूचना मिली तो वह सदमें में आ गईं। वहीं अपने लाल का शव देखकर मां का भी रो-रोकर बुरा हाल है।

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