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कपिल सिब्बल का बड़ा सवाल, प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर होगी UAPA जैसी कार्रवाई? घायल पुलिसकर्मियों के मांगे नाम

Published: Tue, 21 Jul 2026 06:18 PM (IST)

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने दिल्ली में चल रहे आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और घायल पुलिसकर्मियों व प्रदर्शनकारियों की पूरी सूची सार्वजनिक करने की मांग की।

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने मंगलवार को छात्र आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने मंगलवार को छात्र आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। 

HighLights

  1. सिब्बल ने छात्र आंदोलन पर केंद्र सरकार को घेरा

  2. घायल पुलिसकर्मियों की सूची सार्वजनिक करने की मांग

  3. छात्रों पर UAPA जैसी कार्रवाई की आशंका जताई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने मंगलवार को दिल्ली में चल रहे उग्र प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। संसद मार्च के दौरान घायल पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों की पूरी सूची सार्वजनिक करने की मांग करते हुए सिब्बल ने आशंका जताई कि सरकार छात्रों को एफआईआर में आरोपी बनाने की कोशिश कर सकती है, ठीक वैसे ही जैसे 2020 के दिल्ली दंगों में हुआ था।

नड्डा पर साधा निशाना

सिब्बल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के उस बयान पर खासा ऐतराज जताया, जिसमें नड्डा ने कहा था कि बातचीत का प्रस्ताव प्रदर्शनकारियों की तरफ से आया था। सिब्बल ने कहा, 'हमारे उपवास पर बैठे बच्चों के प्रस्ताव तो पूरे देश को पता थे। फिर सरकार क्या कर रही थी? क्या वह आंसू गैस और लाठीचार्ज का इंतजार कर रही थी? यह बेहद शर्मनाक है।'

सीजेपी के साथ पहली मुलाकात

बता दें कि सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के दो प्रतिनिधियों आशुतोष रंका और सौरव दास ने स्वास्थ्य मंत्री के आवास पर जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान सरकार ने छात्रों की मांगों पर आंतरिक चर्चा का आश्वासन दिया। इस मुलाकात से पहले हजारों छात्र संसद की ओर मार्च निकालने की कोशिश में लगे थे, जिसके दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

पेपर लीक पीड़ितों पर लाठीचार्ज की निंदा

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिब्बल ने कहा कि पेपर लीक के शिकार बच्चे अब लाठीचार्ज के भी शिकार बन गए हैं, जो बेहद विडंबनापूर्ण है। वे शांतिपूर्वक बातचीत करना चाहते थे, लेकिन उन्हें लाठियां और चोटें मिलीं। जो सरकार अपनी जनता की आवाज नहीं सुनती, उसे भी जनता नहीं सुननी चाहिए।

शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील

सिब्बल ने देशभर के छात्रों से अपील की कि वे पूरी तरह अहिंसक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएं। हर शहर में बच्चे शांतिपूर्वक अपनी आवाज उठाएं, ताकि सरकारें पेपर लीक पीड़ित परिवारों को सुनें और इस खस्ताहाल शिक्षा व्यवस्था को सुधारने पर मजबूर हों।

दिल्ली दंगों का हवाला

सिब्बल ने 2020 के दिल्ली दंगों का जिक्र करते हुए चिंता जताई कि घायल छात्रों को ही आरोपी बनाया जा सकता है। बिना किसी गलती के लोग जेल गए और आज भी कई जेल में बंद हैं। मुझे डर है कि यही कहानी दोहराई जा रही है। सिब्बल ने सरकार से कई सवाल पूछे। जैसे,घायल पुलिसकर्मियों के नाम, उनकी मेडिको-लीगल रिपोर्ट और चोटों का ब्योरा सार्वजनिक किया जाए।

प्रदर्शन स्थल पर पत्थरों से भरे ट्रक किसने भेजे?

उन्होंने कहा कि बच्चों के पास कोई हथियार नहीं थे, फिर पुलिसकर्मियों को चोटें कैसे आईं? उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के समय ऐसा कभी नहीं हुआ। सिब्बल ने आशंका जताई कि मनमाने तरीके से एफआईआर दर्ज कर युवाओं और उनके परिवारों को यूएपीए जैसे कड़े कानूनों के तहत जेल भेजा जा सकता है।