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कंझावला-बवाना-घेवरा-मदनपुर लिंक रोड का निर्माण छह माह बाद भी अधूरा, वाहन मालिकों की बढ़ी मुश्किलें

Published: Fri, 21 Aug 2026 07:00 AM (IST)

कंझावला-बवाना-घेवरा-मदनपुर लिंक रोड का निर्माण छह माह बाद भी अधूरा है, जिससे हजारों ग्रामीणों और वाहन चालकों को भारी परेशानी ...और पढ़ें

रोड नहीं बनने से वाहन मालिकों को हो रही परेशानी।

रोड नहीं बनने से वाहन मालिकों को हो रही परेशानी।

HighLights

  1. कंझावला-बवाना लिंक रोड का निर्माण छह माह बाद भी अधूरा।

  2. धीमे काम और मलबे से हजारों लोगों को आवागमन में परेशानी।

  3. सिंचाई विभाग का लक्ष्य, सड़क निर्माण इसी वर्ष पूरा करना।

संजय डबास, बाहरी दिल्ली। कंझावला-बवाना-घेवरा-मदनपुर लिंक रोड का निर्माण फरवरी 2026 में शुरू होने के करीब छह माह बाद भी पूरा नहीं हो सका। निर्माण कार्य की धीमी गति और सड़क पर जगह-जगह पड़े मलबे के कारण इस मार्ग से रोजाना आवागमन करने वाले हजारों ग्रामीणों, वाहन चालकों और औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ॉबारिश के दौरान सड़क पर पानी और कीचड़ जमा होने से स्थिति और खराब हो जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह लिंक रोड कंझावला, बवाना, घेवरा और मदनपुर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। करीब 100 फुट चौड़ी इस सड़क के लिए वर्ष 1998 में कंझावला गांव की चकबंदी के दौरान जमीन छोड़ी गई थी। इसके बाद से ग्रामीण इस मार्ग के निर्माण और विकास की मांग करते आ रहे हैं।

क्षेत्र में सैकड़ों छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां और औद्योगिक इकाइयां

फरवरी 2026 में निर्माण शुरू होने के बाद लोगों को उम्मीद जगी थी कि जल्द ही उन्हें बेहतर और सीधा संपर्क मार्ग मिलेगा, लेकिन छह माह बाद भी काम अधूरा होने से लोगों की परेशानी बरकरार है। इस मार्ग का इस्तेमाल आसपास के गांवों के लोग खेतों और औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए करते हैं। क्षेत्र में सैकड़ों छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां और औद्योगिक इकाइयां हैं, जहां हजारों कर्मचारी काम करते हैं।

सड़क पर निर्माण सामग्री और मलबा पड़े होने से कार, मोटरसाइकिल, टेंपो समेत अन्य वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। कई स्थानों पर लोगों को मलबे और पानी के बीच से रास्ता बनाकर निकलना पड़ रहा है। लिंक रोड बनने से घेवरा की ओर से बवाना जाने वाले लोगों को काफी कम दूरी तय करनी पड़ेगी। वहीं कंझावला और बवाना से मदनपुर व आसपास के गांवों में जाने वाले लोगों को भी सीधा रास्ता मिलेगा।

वर्तमान में लोगों को वैकल्पिक मार्गों से लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त खपत होती है। स्थानीय लोगों ने सड़क का निर्माण जल्द पूरा कराने के साथ फिलहाल मलबा हटाकर रास्ता समतल कराने की मांग की है।

जब तक सड़क का निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक कम से कम सड़क पर पड़े मलबे को मशीन से समतल कर दिया जाए, ताकि दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही सुचारु हो सके। - सियाराम मौर्य, स्थानीय निवासी

सड़क का निर्माण जल्द पूरा होना चाहिए, क्योंकि वर्तमान में मलबे और खराब रास्ते के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है। सड़क जल्द तैयार होने से ग्रामीणों के साथ औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को भी बड़ी राहत मिलेगी। - वेदप्रकाश, स्थानीय निवासी

संबंधित सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी ने बताया कि सड़क का निर्माण करीब छह माह में पूरा किया जाना था, लेकिन बारिश और त्योहारों के कारण काम प्रभावित हुआ। अब विभाग की कोशिश है कि इसी वर्ष सड़क का निर्माण पूरा कर लिया जाए। फिलहाल लोगों को आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए सड़क पर पड़े मलबे को मशीन से समतल कराया जाएगा, ताकि वाहनों की आवाजाही में परेशानी न हो।

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