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दिल्ली में पत्रकारों पर SC/ST एक्ट में FIR, प्रदर्शन में ऑन ड्यूटी ACP पर जातिसूचक टिप्पणी पर एक्शन

Published: Wed, 14 Oct 2026 06:49 PM (IST)

दिल्ली पुलिस ने 3 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान ACP विवेक भगत की शिकायत पर पत्रकार रोजी और अन्य के ...और पढ़ें

दिल्ली पुलिस के ACP विवेक भगत की शिकायत पर पत्रकारों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट में केस। फोटो: आर्काइव

दिल्ली पुलिस के ACP विवेक भगत की शिकायत पर पत्रकारों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट में केस। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. पत्रकार रोजी पर SC/ST एक्ट में FIR दर्ज

  2. ACP विवेक भगत ने लगाया आरोप लगाया

  3. 3 अक्टूबर के प्रदर्शन से जुड़ा है यह मामला

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने 3 अक्टूबर को बुटा सिंह राउंडअबाउट पर हुए प्रदर्शन के दौरान जातिसूचक टिप्पणियों, सार्वजनिक अपमान, धमकी और सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोपों में SC/ST act में FIR दर्ज की है।

यह FIR नई दिल्ली जिले के कनॉट प्लेस सब-डिवीजन में तैनात सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) विवेक भगत की शिकायत पर संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई।

FIR में पत्रकार रोजी, गजेंद्र और एक अज्ञात व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है। शिकायत के अनुसार, घटना उस समय हुई जब ACP विवेक भगत निर्वाचन आयोग के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की ड्यूटी पर तैनात थे।

ACP ने शिकायत में क्या आरोप लगाए?

शिकायत में ACP विवेक भगत ने बताया कि वह अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान एक पत्रकार ने उनकी नेमप्लेट और जातिगत पहचान का उल्लेख करते हुए सार्वजनिक रूप से उनकी जाति और ACP के पद पर उनकी नियुक्ति को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की।

ACP के अनुसार, वह और कांस्टेबल रवि दहिया इस दौरान मौजूद थे। शिकायत में कहा गया है कि उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और उनकी ड्यूटी प्रभावित हुई। 

3 अक्टूबर को क्या हुआ था?

ACP की शिकायत के मुताबिक, 3 अक्टूबर को बुटा सिंह राउंडअबाउट पर निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन आयोजित किया गया था। पुलिसकर्मियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया गया था।

शिकायत में कहा गया है कि प्रदर्शनकारी दोपहर करीब 2:30 बजे जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को हटने के लिए कहा। उनके नहीं हटने पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेना शुरू किया।

ACP ने आरोप लगाया कि इसी दौरान पत्रकार रोजी ने उनकी जाति और पद को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की। उन्होंने गजेंद्र सिंह और अन्य लोगों की मौजूदगी का भी उल्लेख किया।

बस के पास हुई बहस और बाद के आरोप

शिकायत के अनुसार, दोपहर करीब 3 बजे ACP हिरासत में लिए गए लोगों को ले जा रही बस को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे थे। ACP ने आरोप लगाया कि इसी दौरान रोजी ने उन पर यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया और बाद में उनके तथा उनके साथियों के साथ उनकी भूमिका को लेकर बहस हुई।

ACP की शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि रोजी, गजेंद्र और अन्य लोग शाम करीब 6:15 बजे संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर एकत्र हुए और उनके खिलाफ नारे लगाए।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और Instagram पर उनके खिलाफ पोस्ट और रील भी वायरल की गईं, जिनमें उन्हें यौन अपराधी के रूप में पेश किया गया।

किन धाराओं के तहत दर्ज हुई FIR?

पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराएं लगाई हैं:

  • धारा 221: लोक सेवक के सार्वजनिक कार्यों के निर्वहन में बाधा डालने से संबंधित प्रावधान।
  • धारा 356(2): मानहानि से संबंधित प्रावधान।
  • धारा 3(5): साझा इरादे से किए गए आपराधिक कृत्य में संयुक्त दायित्व से संबंधित प्रावधान।

इसके अलावा, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत धाराएं 3(1)(p), 3(1)(q), 3(1)(r) और 3(1)(s) भी लगाई गई हैं।

ACP विवेक भगत पर लगे हैं ये आरोप

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब इसी प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकार रोजी ने ACP विवेक भगत पर यौन उत्पीड़न और धक्का देने के आरोप लगाए थे। रोजी और अन्य महिलाओं ने पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर शिकायतें की थीं।

प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, महिला पत्रकार की शिकायतों पर भी पुलिस ने कार्रवाई की थी और मामले को जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेजा गया था। इस प्रकार, एक ओर ACP की शिकायत पर रोजी और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है।