राहुल मानव, नई दिल्ली

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ चुनाव के लिए शुक्रवार को सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक वोट डाले गए। इस बार मतदान करने आए विद्यार्थियों में जबरदस्त उत्साह नजर आया। ढोलक और डफली के साथ सुबह से लेकर शाम तक सभी छात्र संगठनों के समर्थकों की ओर से अपने प्रत्याशियों के पक्ष में वोट डालने की अपील की गई। वहीं बीते कुछ वर्षो की तुलना में इस साल छात्रसंघ चुनाव में रिकॉर्ड तोड़ मतदान हुआ। 68 फीसद विद्यार्थियों ने मतदान दिया। जेएनयू में कुल 8700 छात्र हैं, इनमें से 7650 छात्रों ने मतदान में हिस्सा लिया। लिंगदोह समिति की सिफारिशों के बाद सबसे ज्यादा फीसद मतदान -

चुनाव समिति के मुख्य चुनाव अधिकारी हिमांशु कुलश्रेष्ठ ने कहा कि 2012 में सुप्रीम कोर्ट की लिंगदोह समिति की सिफारिशों को जेएनयू में लागू किया गया था। उसके बाद समिति की सिफारिशों के अनुरूप चुनाव होते रहे। बीते सात वर्षो में कभी भी 60 फीसद वोट नहीं डाले गए। जबकि इस बार 68 फीसद मतदान हुआ। 40 वर्षो से हो रहा है छात्रसंघ चुनाव

हिमांशु ने कहा कि 40 वर्षो के इतिहास में मतदान का औसत क्या रहा, इस बारे में चुनाव समिति के अधिकारियों से पता करना होगा। इस साल भारी मतदान हुआ। जेएनयू में 1970 से चुनाव हो रहा है। कैसे बढ़ा मतदान फीसद -

हिमांशु ने कहा कि जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में चुनाव समिति का जो गठन होता है। उसके पदाधिकारी भी छात्र ही होते हैं। मैं भी पीएचडी का छात्र हूं। सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक बड़ी संख्या में छात्र मतदान करने आए, लेकिन दोपहर बाद दो बजे से शाम 5.30 बजे तक ज्यादा विद्यार्थी मतदान करने पहुंचते हैं। शुक्रवार को शाम चार से पांच बजे के बीच ढाई हजार से अधिक विद्यार्थी मतदान करने आए। जेएनयू में बीते कुछ सालों में विद्यार्थी मतदान करने को लेकर काफी जागरूक हुए हैं।

ये हैं 2012 से लेकर अब तक के आंकड़े - साल मतदान फीसद

2012 50 फीसद

2013 56 फीसद

2014 54.58 फीसद

2015 53.30 फीसद

2016 59.60 फीसद

2017 58.69 फीसद

2018 68 फीसद

Posted By: Jagran