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जेएनयू में विरोध प्रदर्शन और हड़तालों से छात्रों की पढ़ाई हो रही प्रभावित, ABVP ने उठाए गंभीर सवाल

Published: Sun, 22 Feb 2026 07:00 PM (IST)

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में चल रहे विवाद के बीच एबीवीपी की जेएनयू इकाई ने प्रशासनिक कार्रवाइयों में पक्षपात का आरोप लगाया है।

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HighLights

  1. एबीवीपी ने जेएनयू प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया

  2. वामपंथी संगठनों के "चयनात्मक विरोध" से पढ़ाई प्रभावित

  3. एबीवीपी ने समान, पारदर्शी नीति अपनाने की मांग की

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में चल रहे ताजा विवाद के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की जेएनयू इकाई ने प्रशासनिक कदमों और वामपंथी छात्र संगठनों की भूमिका पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि अनुशासनात्मक कार्रवाइयों में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया, जिससे सामान्य छात्रों की पढ़ाई और परिसर का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है।

एबीवीपी के अनुसार, पहले उसके कार्यकर्ताओं पर जुर्माना और निष्कासन जैसी कार्रवाइयों के समय छात्रसंघ चुप रहा, जबकि अब कुछ वामपंथी कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई होते ही विरोध प्रदर्शन और हड़तालें की जा रही हैं। संगठन ने इसे “चयनात्मक विरोध” बताते हुए कहा कि इससे छात्रहित से अधिक राजनीतिक स्वार्थ झलकता है।

जेएनयू इकाई के अध्यक्ष मयंक पंचाल ने कहा कि परिषद शुरू से ही छात्रों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पारदर्शिता की पक्षधर रही है तथा किसी भी छात्रविरोधी नियम का विरोध करती रहेगी।

वहीं मंत्री प्रवीण कुमार पीयूष ने कहा कि परिषद सिद्धांत आधारित छात्र राजनीति में विश्वास रखती है और कक्षाएं बाधित करने या अराजक गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। संगठन ने प्रशासन से सभी छात्रों के लिए समान और पारदर्शी नीति अपनाने की मांग की है, ताकि परिसर में शैक्षणिक वातावरण सामान्य रह सके।