स्टेशन मास्टर अब कहलाएंगे स्टेशन प्रबंधक, रेलवे बोर्ड ने जारी किया आदेश
रेलवे बोर्ड ने स्टेशन सुपरिंटेंडेंट/स्टेशन मास्टर का पदनाम बदलकर 'स्टेशन प्रबंधक' कर दिया है। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन ने ...और पढ़ें
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सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- AI Generated
HighLights
स्टेशन मास्टर का पदनाम बदलकर स्टेशन प्रबंधक हुआ
रेलवे बोर्ड ने आदेश जारी कर बदलाव लागू किया
एसोसिएशन ने इसे मान-सम्मान से जुड़ा ऐतिहासिक निर्णय बताया
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। रेलवे स्टेशन पर तैनात स्टेशन सुपरिंटेंडेंट/स्टेशन मास्टर का पदनाम बदल गया है। अब इनका पदनाम स्टेशन प्रबंधक होगा। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन ने रेलवे बोर्ड के इस कदम का स्वागत किया है। उसका कहना है कि यूनियन के लंबे संघर्ष के बाद यह पदनाम बदला गया है।
ट्रेन में तैनात गार्ड का पदनाम वर्ष 2022 में बदलकर ट्रेन प्रबंधक कर दिया गया था। उसके बाद अब स्टेशन सुपरिंटेंडेंट का पदनाम भी बदला गया है। 22 अप्रैल को जारी आदेश के अनुसार, ग्रेड पे 4600 (लेवल-7) वाले सहायक स्टेशन प्रबंधक और ग्रेड पे 4800 (लेवल-8) वाले स्टेशन प्रबंधक के रूप में जाने जाएंगे। पदनाम बदले गए हैं, लेकिन उनके दायित्वों और वेतनमान में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
ऐतिहासिक बदलाव
ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के महासचिव मनोज गुप्ता ने कहा है कि स्टेशन मास्टर्स संवर्ग के लिए यह मान-सम्मान से जुड़ा एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण निर्णय है। संगठन पिछले सात वर्षों से लगातार इसके लिए संघर्ष कर रहा था।
इससे पहले भी संगठन के संघर्ष के कारण ही कैडर रिस्ट्रक्चरिंग, सिले हुए ड्रेस की जगह वर्दी भत्ता, असिस्टेंट स्टेशन मास्टर पद को हटाना, प्रारंभिक भर्ती में ग्रेड पे 4200 सुनिश्चित कराना, भर्ती के तुरंत बाद यात्रा के लिए फर्स्ट क्लास पास की सुविधा और रात्रि भत्ता का भुगतान फिर से शुरू कराने जैसे कई महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त हो सके हैं।
