मालवीय नगर अग्निकांड: 23 मौतों के रहस्य से पर्दा उठाएगी आईआईटी की वैज्ञानिक जांच
हौजरानी के फ्लोरिस स्टे बीएंडबी होटल अग्निकांड की जांच अब आईआईटी दिल्ली की टीम वैज्ञानिक तरीके से कर रही है। ...और पढ़ें
-1781805539335_m.webp)
मालवीय नगर अग्निकांड की जांच अब आईआईटी दिल्ली की टीम वैज्ञानिक तरीके से कर रही है।
HighLights
आईआईटी दिल्ली की टीम कर रही हौजरानी अग्निकांड की जांच।
23 लोगों की मौत के कारणों का वैज्ञानिक अध्ययन जारी।
थ्री-डी मैपिंग से आग फैलने के रहस्य को सुलझाया जाएगा।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। हौजरानी स्थित फ्लोरिस स्टे बीएंडबी होटल अग्निकांड की जांच अब वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है। कुल 23 लोगों की जान लेने वाले इस भीषण हादसे में आग कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत में कैसे फैल गई, इसका जवाब तलाशने के लिए आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों की टीम ने लगभग ढाई घंटे तक घटनास्थल का अध्ययन किया।
टीम ने थ्री-डी मैपिंग और डिजिटल माडलिंग का सहारा भी लिया। इसके जरिए इमारत की वास्तविक संरचना का पुनर्निर्माण किया। पुलिस के मुताबिक टीम मंगलवार को भारी-भरकम उपकरणों के साथ पहुंची थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अध्ययन के लिए एक-दो दिन में आइआइटी दिल्ली की टीम फिर पहुंच सकती है।
दर्दनाक हादसे की विस्तृत स्टडी करने का अनुरोध किया
पुलिस ने आइआइटी को पत्र भेजकर दर्दनाक हादसे की विस्तृत स्टडी करने का अनुरोध किया था। यह स्टडी इसलिए बेहद जरूरी है, क्योंकि छह मंजिला इमारत बिना किसी स्वीकृत नक्शे या कानूनी अनुमति के बनाई गई थी। ग्राउंड फ्लोर की रसोई में एक छोटे से एयर फ्रायर में लगी आग ने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। स्टडी से यह साफ हो सकेगा कि इतनी छोटी सी चिंगारी इतनी जल्दी विकराल रूप कैसे ले गई।
थ्रीडी मैपिंग के जरिए इसके मूल ढांचे को समझा जा सकेगा
आग के कारण इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, ऐसे में थ्रीडी मैपिंग के जरिए इसके मूल ढांचे को समझा जा सकेगा। इस स्टडी की रिपोर्ट को पुलिस कोर्ट में पेश होने वाली चार्जशीट का हिस्सा भी बनाएगी। स्टडी से यह भी पता लगाया जाएगा कि आग लगने के वक्त कमरों में कौन सी वस्तुएं या बाधाएं मौजूद थीं, जिन्होंने लोगों को बाहर निकलने से रोका।
इसके अलावा यह स्टडी, जलने के पैटर्न, ढह चुके ढांचों की स्थिति, सीढ़ियों, खिड़कियों और बिजली की वायरिंग का लेआउट, एलपीजी सिलेंडर, एसी और गैस पाइप लाइनों की भूमिका आदि बिंदुओं को समझने में मदद करेगी।
यह भी पढ़ें- यात्री भगदड़ रोकने के लिए रेलवे का बड़ा प्लान, देश के 72 स्टेशनों पर बनेंगे होल्डिंग एरिया; राइट्स को मिला जिम्मा
