नई दिल्ली [संजीव कुमार मिश्र] IIT Delhi Innovation: ग्रामीण हो या फिर शहरी इलाका। स्वच्छ पेयजल की दिक्कत से कमोबेश अधिकतर इलाके जूझ रहे हैं। दिनोंदिन विकराल होती इस समस्या के समाधान की दिशा में आइआइटी दिल्ली ने एक कदम बढ़ाया है। प्रौद्योगिकी संस्थान ने एक बोतल तैयार किया है जो जीवाणु-कीटाणु को खत्म कर सकेगा। आइआइटी दिल्ली-इनक्यूबेटेड स्टार्टअप नैनोसैफ सॉल्यूशंस ने नैनो-टेक्नॉलॉजी और पारंपरिक विज्ञान के मिश्रण से पानी की यह बोतल तैयार की है। बोतल तांबे के एंटीमाइक्रोबियल गुणों पर आधारित है। इसे एक्यूक्योर (AqCure)  नाम दिया गया है।

आइआइटी पदाधिकारी ने बताया कि पानी की बोतल एंटीवायरल, जीवाणुरोधी और एंटिफंगल हैं। इसमें पॉलीमर मैट्रिक्स से सक्रिय नैनो-तांबा निकलता है। निकलने वाला तांबा कंटेनर के बाहरी और आंतरिक सतह को एंटीवायरल बनाता है। सीधे संपर्क पर यह किसी भी तरह के जीवाणु और कीटाणु को कम या खत्म करता है। साथ ही संग्रहण किए गए पानी सुरक्षित बनाता है।

डॉ. अनसूया रॉय ने बताया कि परीक्षण के दौरान एक्वाक्योर 99 फीसदी एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, एंटीवायरल पाया गया। बकौल अनसूया ग्रामीण और शहरी गरीब इलाकों में स्वच्छ पेयजल की हर समय उपलब्धता आज भी एक चुनौती है। आज भी गंदा पेयजल कई जानलेवा वायरस और बैक्टीरिया का प्रमुख स्रोत होता है। उम्मीद है कि एक्वाक्योर लोगों तक स्वच्छ पेयजल का कारक बनेगा। 

AqCure कैसे काम करता है

यह एक पेटेंट तकनीक है जिसमें पॉलीमर मैट्रिक्स से संयमित तरीके से सक्रिय नैनो-तांबा उत्सर्जित होता है। उत्सर्जित तांबा कंटेनर के बाहरी और आंतरिक सतह को एंटीवायरस बनाता है, जो सीछे संपर्क पर रोगाणुओं के संचरण को कम करता है और पानी को सूक्ष्मजीव विज्ञानी रूप से सुरक्षित बनाता है।

AqCure कंटेनर विभिन्न भंडारण क्षमता और आकार में उपलब्ध है। इसकी श्रंखला में 700 मिलीलीटर भंडारण क्षमता वाली कार्यालय की बोतलों से लेकर घरों में इस्तेमाल किए जाने वाली एक लीटर की क्षमता वाली रेफ्रिजरेटर बोतलें भी शामिल हैं। इसके अलावा 10-20 लीटर क्षमता वाले 'बबल टॉप्स' और 'वाटर कैंस' भी उपलब्ध है।

 

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