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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 16, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आइआइएमसी ने संस्कृत पत्रकारिता में सर्टिफिकेट कोर्स की घोषणा की

By JagranEdited By:
Published: Tue, 16 Jan 2018 08:32 PM (IST)

जासं,नई दिल्ली : भारतीय जनसंचार संस्थान (आइआइएमसी) लाल बहादुर शास्त्री संस्कृत विद्यापीठ के साथ मिलक

आइआइएमसी ने संस्कृत पत्रकारिता में सर्टिफिकेट कोर्स की घोषणा की
आइआइएमसी ने संस्कृत पत्रकारिता में सर्टिफिकेट कोर्स की घोषणा की

जासं,नई दिल्ली : भारतीय जनसंचार संस्थान (आइआइएमसी) लाल बहादुर शास्त्री संस्कृत विद्यापीठ के साथ मिलकर संस्कृत पत्रकारिता में तीन माह का एडवांस सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करेगा। इसकी घोषणा मंगलवार को आइआइएमसी ने की और दोनों के बीच एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर भी हुआ।

संस्थान संस्कृत में छपने वाले पत्र और पत्रिकाओं के साथ दूरदर्शन और रेडियो में संस्कृत भाषा में पत्रकारों की मांग को देखते हुए इसे शुरू करने का फैसला किया है। विद्यापीठ के छात्र अपनी पढ़ाई के साथ इस सर्टिफिकेट कोर्स को कर सकते हैं।

आइआइएमसी के महानिदेशक केजी सुरेश ने इस अवसर पर कहा कि संस्कृत से पहले मलयालम, मराठी और उर्दू में भी जर्नलिज्म का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू कर चुके हैं। कोशिश है कि भारत की पत्रकारिता भारतीय भाषाओं में हो।

मुख्य अतिथि और प्रेस इंफार्मेशन ब्यूरो के महानिदेशक अनिल कुमार सक्सेना ने कहा कि संस्कृत को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। संस्कृत विद्यापीठ के कुलपति डा.रमेश कुमार पांडेय ने पत्रकारिता के महत्व और उसकी कार्य प्रणाली के बारे में बात की।

आइआइएमसी की जनसंपर्क अधिकारी विष्णुप्रिया पांडेय ने बताया कि दूरदर्शन ने संस्कृत पत्रकारिता के लिए लोगों को बुलाया, लेकिन योग्य लोग नहीं मिले। उसके बाद यह विचार आया कि संस्कृत में भी पत्रकारिता का कोर्स शुरू करने की जरूरत है और आइआइएमसी ने यह पहल की।