जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली:

प्रशांत विहार इलाके में पुलिसकर्मियों के संरक्षण में चल रहे एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो बड़े व्यवसायी, बिल्डर, इंजीनियर आदि को हनी ट्रैप के माध्यम से फंसा कर करोड़ों रुपये वसूल चुके थे।

एक पीड़ित बिल्डर की शिकायत पर रोहिणी जिला पुलिस के एएटीएस ने गिरोह के सरगना होलंबी कलां के ललित व उसके एक साथी गौरव त्यागी को दबोच लिया है। मामले में प्रशांत विहार थाने में तैनात सिपाही अमित व हवलदार यो¨गद्र पवार को निलंबित कर दिया गया है। दोनों पर गिरोह के सदस्यों को उनके अनैतिक कार्य में सहयोग करने का आरोप है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

मामले के शिकायतकर्ता पीड़ित पेशे से बिल्डर हैं और रोहिणी सेक्टर 7 में रहते हैं। उनके मुताबिक 17 मार्च को उनके वाट्सएप पर एक नंबर से मैसेज आया था कि उन्हें अपने फ्लैट का नये सिरे से साज सज्जा व मरम्मत आदि करानी है। ऐसे में वह पहले फ्लैट का मुआयना कर लें। इसके लिए उन्हें रोहिणी सेक्टर 11 स्थित गौरी शंकर मंदिर से कुछ दूरी पर स्थित पार्क के नजदीक प्रेस वाले के पास आने को कहा गया। वह शाम करीब सवा पांच बजे कार से वहां पहुंचे तो उन्हें वहां एक शख्स मिला और उन्हें पास स्थित तीसरी मंजिल पर बने फ्लैट में लेकर गया। जहां एक युवती पहले से मौजूद थी। उनके बीच अभी बातचीत चल ही रही थी कि युवती ने उन्हें कोल्ड ¨ड्रक पीने को दिया। जिसे पीने के साथ ही पीड़ित बेहोश हो गए। कुछ देर के बाद उन्हें होश आया तो उनके शरीर पर एक भी कपड़े नहीं थे। उनके कपड़े दोनों के कब्जे में थे। पीड़ित दोनों से कपड़े देने के लिए कह रहे थे कि तभी फ्लैट के अंदर चार युवक व तीन युवती और पहुंच गईं। इनमें एक युवक के हाथ में रिवाल्वर थी, जबकि बाकी युवक चाकू से लैस थे।

उन्होंने बिल्डर को दुष्कर्म के मामले में फंसाने व हत्या करने की धमकी दी और कहा कि उनके पास उनकी नंगी व युवती के साथ आपत्तिजनक फोटो व वीडियो हैं। जिन्हें वह सोशल मीडिया में सार्वजनिक कर देंगे, ऐसे में वह लोग उसे जैसा कह रहे हैं, वैसा करो। इसके बाद आरोपितों ने पीड़ित से तीन घंटे के अंदर 35 लाख रुपये देने को कहा।

उस समय पीड़ित की कार में साढ़े छह लाख रुपये रखे थे और 50 हजार रुपये उनकी जेब में थे। इसके बाद उन्होंने अपने एक दोस्त को कॉल कर 10 लाख मंगवाया। इस तरह से आरोपितों ने उनसे कुल 17 लाख वसूले। आरोपितों ने घटना के बारे में किसी को बताने पर हत्या करने की धमकी देकर उन्हें छोड़ दिया।

मामला दर्ज करने में आनाकानी करती रही पुलिस

घटना को लेकर पीड़ित सदमे में थे। लेकिन एक दोस्त की सलाह पर प्रशांत विहार थाने पहुंचे और मामले की शिकायत की। लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। पीड़ित के वकील राजीव सैनी ने बताया कि इसके बाद मामले की शिकायत रोहिणी जिले के पुलिस उपायुक्त से की गई, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने संयुक्त पुलिस आयुक्त से गुहार लगाई। इसके बाद 19 मार्च रात को मामला दर्ज किया गया।

चूंकि वारदात में स्थानीय पुलिस कर्मियों की भूमिका सामने आ रही थी, ऐसे में इसकी जांच की जिम्मेदारी एएटीएस को सौंपी गई। इसके बाद 21 मार्च को दो आरोपितों को दबोच कर एएटीएस ने उन्हें दो दिन की रिमांड पर लिया। शुक्रवार को रिमांड की अवधि समाप्त होने पर उन्हें रोहिणी कोर्ट के महानगर दंडाधिकारी कादंबरी अवस्थी की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से ललित को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। जबकि गौरव त्यागी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

Posted By: Jagran

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