63 मिनट में 95 KM दूरी और धड़कता आया दिल... रोहतक से दिल्ली के बीच बना ग्रीन कॉरिडोर; मिली नई जिंदगी
रोहतक से दिल्ली तक 95 किलोमीटर की दूरी डोनर हार्ट ने ग्रीन कॉरिडोर के जरिए महज 63 मिनट में तय ...और पढ़ें
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HighLights
डोनर हार्ट 95 किमी की दूरी 63 मिनट में रोहतक से दिल्ली पहुंचा।
हरियाणा और दिल्ली पुलिस के समन्वय से ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।
फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग में मरीज के लिए हार्ट प्रत्यारोपण होगा।
अनूप कुमार सिंह, नई दिल्ली। रोहतक से दिल्ली तक 95 किलोमीटर की दूरी डोनर हार्ट ने महज 63 मिनट में तय की। गुरुवार शाम रोहतक स्थित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीजीआइएमएस) से निकाला गया हार्ट अंतरराज्यीय ग्रीन कॉरिडोर के जरिए रात 8:43 बजे शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल पहुंचाया गया।
बताया गया कि आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (नोटो) की ओर यह हार्ट अस्पताल में उपचाराधीन बी-पॉजिटिव रक्त समूह वाले उपयुक्त मरीज के हृदय प्रत्यारोपण के लिए आवंटित किया गया था। अस्पताल की ओर से डोनर और प्राप्तकर्ता की पहचान या अन्य व्यक्तिगत जानकारी फिलहाल साझा नहीं की गई है।
हार्ट को पीजीआइएमएस में शाम 7:20 बजे निकाला गया। इसके बाद चिकित्सा दल शाम 7:40 बजे हार्ट लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुआ।
63 मिनट में दूरी पूरी
हरियाणा और दिल्ली पुलिस के समन्वय से बनाए गए ग्रीन कॉरिडोर के कारण एंबुलेंस को रास्ते में यातायात बाधा का सामना नहीं करना पड़ा और वह रात 8:43 बजे फोर्टिस अस्पताल पहुंच गई। इस तरह रोहतक से शालीमार बाग तक 95 किलोमीटर की दूरी 63 मिनट में पूरी हुई।
सुबह मिली डोनर हार्ट उपलब्ध होने की सूचना
अस्पताल के अनुसार, इस प्रक्रिया की शुरुआत गुरुवार सुबह हुई। फोर्टिस अस्पताल को सुबह 8:50 बजे नेशनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (नोटो) के नेटवर्क से बी-पॉजिटिव रक्त समूह वाले मरीज के लिए डोनर हार्ट उपलब्ध होने की सूचना मिली।
अस्पताल ने सुबह करीब 10 बजे उपयुक्त मरीज की जानकारी दी। इसके आधार पर नोटों ने हार्ट आवंटन कर दिया।
आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फोर्टिस की चिकित्सा टीम दोपहर करीब 3 बजे दिल्ली से रोहतक के लिए रवाना हुई और शाम करीब साढ़े चार बजे पीजीआइएमएस पहुंची। वहां हार्ट निकालने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे सुरक्षित तरीके से दिल्ली लाया गया।
दो राज्यों की पुलिस के समन्वय से बना ग्रीन कॉरिडोर
हार्ट लेकर एंबुलेंस के दिल्ली रवाना होने के बाद हरियाणा और दिल्ली पुलिस ने समन्वय कर पूरे मार्ग को निर्बाध बनाया। ग्रीन कॉरिडोर का उद्देश्य एंबुलेंस को अनावश्यक रुकावट से बचाते हुए कम से कम समय में अस्पताल पहुंचाना था।
फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग के उपाध्यक्ष एवं फैसिलिटी निदेशक नवीन शर्मा ने बताया कि 95 किलोमीटर के अंतरराज्यीय मार्ग पर ग्रीन कारिडोर के जरिए डोनर हार्ट को समय पर पहुंचाने के लिए कानून-व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों और चिकित्सा दलों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक था। अस्पताल पहुंचने के बाद हार्ट को प्रत्यारोपण प्रक्रिया के लिए ले जाया गया।
