'कोरियन हमारी जान थी तो हिम्मत भी कैसे की... ', 3 बहनों की मौत; 8 पेज का सुसाइड नोट और चौंकाने वाले खुलासे
गाजियाबाद के साहिबाबाद में तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या के सुसाइड नोट से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। नोट में ...और पढ़ें

तीनों बहनों ने आठ पेज का सुसाइड नोट लिखा है। जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। टीलामोड़ स्थित भारत सिटी सोसायटी में तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या में उनके सुसाइड नोट से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस सुसाइड नोट से तीनों बहनें निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) का कोरियन एक्टर और के-पॉप के लिए दीवानापन सामने आ गया है।
पुलिस को मिले आठ पन्नों के सुसाइड नोट में बहनों ने अपने परिवार से गहरी नाराजगी, भावनात्मक लगाव और मानसिक संघर्ष को शब्दों में दर्ज किया है। नोट में उन्होंने लिखा है कि वे जिस चीज से सबसे ज्यादा जुड़ी थीं, उसे उनसे छीनने की कोशिश की गई।
डायरी में लिखा गया है 'इस डायरी में जो कुछ भी लिखा है, सब सच है। प्लीज इसे पूरा पढ़ना। आई एम रियली सॉरी पापा। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार को यह समझ नहीं सका कि उनके लिए कोरियन एक्टर और के-पॉप सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि भावनात्मक सहारा थे।
नोट में लिखा है कि उनकी पसंद को गंभीरता से नहीं लिया गया। परिवार के लोग उनकी रुचियों को जबरन बदलने की कोशिश कर रहे थे, जिससे वे खुद को अलग-थलग और अस्वीकार महसूस करने लगीं। घर के माहौल और अपेक्षाओं के कारण उन्होंने खुद को परिवार से अलग मानना शुरू कर दिया था।
पुलिस के अनुसार, यह पता लगाने के लिए कि सुसाइड नोट किसने लिखा है, उसे हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजा गया है। मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर छानबीन की जा रही है।
आठ पन्नों के सुसाइड नोट को बहनों ने 'ट्रू लाइफ स्टोरी' बताया है। उन्होंने लिखा कि इस डायरी में जो भी लिखा है, वो सब पढ़ लो, क्योंकि ये सब सच है, रीड नाउ। आई एम रियली सॉरी पापा।
'तुमने हिम्मत भी कैसे की, हमसे हमारी जान छुड़वाने की...'
सुसाइड नोट में लिखा है- लो छुड़वाओ हमसे कोरियन, कोरियन हमारी जान थी तो तुमने हिम्मत भी कैसे की, हमसे हमारी जान छुड़वाने की। तुम नहीं जानते थे कि हम उन्हें कितना चाहते थे, लो अब देख लिया सुबूत।
अब तो यकीन हो गया कि कोरियन और के-पॉप हमारी जान है। जितना हम कोरियन एक्टर और के-पॉप ग्रुप को चाहते थे, उतना तुम घरवालों को भी नहीं चाहते।
'कोरियन के अवाला भी कुछ ऐसा था... जिसे हम...'
कोरियन तो हमारी जान थी ही, पर कोरियन के अलावा कुछ और भी ऐसा था, जिसे हम अपनी जान से भी ज्यादा चाहते थे। तुम लोगों के लिए ऑप्शन लिखे हुए हैं। ये लिखने के साथ ही सुसाइड नोट में तीनों बहनों ने अपनी पसंद की पूरी लिस्ट दी है। इस लिस्ट में-
- कोरियन मूवीज प्लस कोरियन बीएल ड्रामा
- चाइना एक्टर
- चाइना सोंग्स
- चाइना मूवीज प्लस चाइना बीएल
- थाइलैंड एक्टर
- थाई सॉंग्स
- थाई मूवीज प्लस थाई बीएल ड्रामा
- जापानी एक्टर
- जापानी सॉंग्स
- जापानी मूवीज प्लस जापान बीएल ड्रामा
- अमेरिका एंड लंडन एक्टर
- मूवीज
- वेडनेसडे एडम्स
- इंग्लिश ऑल सॉंग्स
- हॉलीवुड ऑल सॉंग्स
- पॉपी प्ले टाइम गेम (ऑल ऑफ कैरेक्टर्स)
- द बेबी इन येलो गेम
- इविल नन
- आइसक्रीम मेन गेम
- आइस गेम
- टेक्नो गेमर्स गेम प्ले
- डोरामोन कार्टून
- शिनचेन कार्टून
- पीजे मास्क कार्टून
- मशा एंड द बीयर कार्टून
- शिमोर एंड शाइन कार्टून
- पैपा पिग कार्टून
- प्रिसिंस एलसा
- अहाबेला
- सिनड्रेला
- अरायल
- अरोरा
- जासमीन
- रूपानजल
- मूलान
- ऑल ऑफ प्रिंस एंड प्रिंस
इस लिस्ट का जिक्र करते हुए सुसाइड नोट में कहा गया है कि यह हमारी पसंदीदा चीजे थीं, जिसे हम दिल से भी ज्यादा पसंद करते थे।जिसमें कोरियन और के-पॉप तो सबसे पहले हैं।
हम तीनों देवु को अपना... पर तुम लोगों ने मौका ही नहीं दिया
सुसाइड नोट में आगे लिखा है- सच तो यह था कि हम तीनों देवु को अपना बनाना चाहते थे, पर तुम लोगों ने मौका ही नहीं दिया। उसको अमायरा, अक्षिता और अनाया बताया गया। उसे बाॅलीवुड बना दिया, जिसे हम जान से भी ज्यादा हेट करते थे।
जब हम देवु को अपने के-पॉप और कोरियन रिश्तेदारों से मिलवाते थे, तो कहते थे कि लीनो तुम्हारा भइया है। तुम लीनो भइया और कुइना दीदी बोलना... ठीक है बेटा। तभी टीना मम्मी आ जाती थीं और कहती थीं कि उसे कोरियन के अलावा कुछ पढाई लिखाई भी सिखा दिया करो या उसे भी अपनी तरह कोरियन बनाओगे।
हमें यही बुरा लगता था तो फैसला किया और देवु को अपना दुश्मन बना लिया। किसी ने भी घर में देवु को हमारी तरह बनने ही नहीं दिया। उसी ही दिन से देवु को हमने खुद से अलग कर दिया। उससे कहा कि हम कोरियन और के-पॉप हैं और तुम इंडिया और बॉलीवुड हो।
यह भी पढ़ें- दो शादियां, पांच बच्चे और दोनों पत्नियां सगी बहनें... गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस की इनसाइड स्टोरी
'क्या मार खाने के लिए जिएं... शादी इंडिया के आदमी से...'
सुसाइड नोट में आगे लिखा है- हम क्या तुम्हारी मार खाने के लिए जिएं इस दुनिया में...? नहीं भाई, मार से बढ़िया तो मौत ही अच्छी लगेगी। शादी के नाम से तो हमारे दिल में टेंशन होती थी।
हम पसंद और प्यार करते थे कोरियन से और शादी इंडिया के आदमी से। कभी नहीं... ऐसे तो हमें खुद से भी उम्मीद नहीं थी। इसलिए हमने खुदखुशी कर ली। सॉरी पापा।
यह भी पढ़ें- मां का गाल चूमा, पिता से 'आई लव यू' बोला और 9वीं मंजिल से कूद गईं; कोरियन में ही बात करती थीं तीनों बहनें
यह भी पढ़ें- 'सॉरी पापा...', गाजियाबाद में 9वीं मंजिल से क्यों कूदीं तीन बहनें; सुसाइड नोट में खुलासा
